बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने जिले के लोगों को साफ और शुद्ध पानी दिलाने के निर्देश दिए है। उन्होंने आदेश दिया है कि शहर हो या गांव, अब पानी से जुड़ी हर शिकायत का तुरंत निपटारा किया जाएगा। इसके लिए खास तौर पर ‘जल सुनवाई’ शुरू की जा रही है। इस अभियान का मकसद यह पक्का करना है कि जहां से पानी आ रहा है वहां से लेकर घर के नल तक पानी पूरी तरह साफ रहे। इसके लिए पानी की टंकियों, पाइपलाइनों और फिल्टर प्लांट की लगातार जांच और सफाई की जाएगी। दो चरणों में चलेगा अभियान: घर-घर पहुंचेगी जांच टीम यह अभियान दो हिस्सों में चलाया जाएगा। पहला दौर 10 जनवरी से 28 फरवरी तक और दूसरा दौर 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। इस दौरान जांच टीमें आपके घर तक आएंगी और मौके पर ही किट के जरिए नल के पानी की शुद्धता चेक करेंगी। अगर पाइपलाइन में कहीं लीकेज है, तो उसे भी इसी दौरान ठीक किया जाएगा। साथ ही, अब हर मंगलवार को जनसुनवाई की तरह ही ‘जल सुनवाई’ होगी, जहां लोग सिर्फ पानी से जुड़ी अपनी समस्याएं बता सकेंगे। ‘संकल्प से समाधान’: गांवों में पहुंचकर कलेक्टर ने सुनी लोगों की बातें कलेक्टर जयति सिंह ने जिला मुख्यालय पर आयोजित ‘संकल्प से समाधान’ शिविर में खुद पहुंचकर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बात की और उनकी निजी और गांव की सामूहिक समस्याओं को जाना। कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर यह अभियान 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चार चरणों में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का फायदा हर हकदार व्यक्ति तक पहुंचाना है। अधिकारियों को सख्त हिदायत: समय पर दूर करें लोगों की परेशानी शिविर के दौरान कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, लाड़ली लक्ष्मी और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि वे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लें और तय समय के अंदर उनका समाधान निकालें। कलेक्टर ने लोगों से भी अपील की है कि जब सर्वे टीम उनके पास आए, तो वे सही जानकारी दें ताकि उनकी परेशानियों को जल्दी और सही तरीके से दूर किया जा सके। शिविर में 22 शिकायतें की गईं जल सुनवाई कार्यक्रम के दौरान 22 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके अंतर्गत लिए गए पानी के नमूनों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद पेयजल में किसी प्रकार की समस्या नहीं पाई गई।


