जवानों को मिली नक्सलियों के बम बनाने की सुरंग:हथियार बनाने की फैक्ट्री भी की तबाह; एनकाउंटर में बच निकले हिड़मा और देवा

बस्तर में 3 जिलों की पुलिस फोर्स ने नक्सली कमांडर हिड़मा के गढ़ में घुसकर हिड़मा और देवा की टीम के 12 लड़ाकों का एनकाउंटर कर दिया है। हालांकि, इस बार भी हिड़मा और देवा पुलिस की गोलियों से बचकर निकल गए। सर्चिंग के दौरान शुक्रवार को जवानों को नक्सलियों की सुरंग भी मिली है। इसके अलावा जवानों ने नक्सलियों की हथियार बनाने वाली फैक्ट्री और मशीनों को भी नष्ट किया है। मारे गए नक्सली बटालियन नंबर 1 और CRC (सेंट्रल रीजनल कमेटी) के हैं। छत्तीसगढ और तेलंगाना राज्य की सीमा पर 3 जिलों की पुलिस ने करीब 48 घंटे तक ऑपरेशन चलाया। 3 जिलों के सरहदी क्षेत्र में मुठभेड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के सरहदी क्षेत्र में करीब 200-250 नक्सली मौजूद हैं। पामेड़, उसूर और बासागुड़ा थाना इलाके के पुजारी कांकेर, तुमलेर, मलेमपेंटा समेत आस-पास के जंगल में इनकी मौजूदगी थी। साथ ही नक्सली कमांडर हिड़मा और बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा के भी होने की खबर थी। इसी सूचना के आधार पर 15 जनवरी की शाम दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले की DRG, कोबरा 205, 206, 208 और 210 बटालियन के साथ ही CRPF के करीब 1500 से 2000 जवानों ने ऑपरेशन लॉन्च किया। 8 से 9 घंटे तक चला एनकाउंटर 15 जनवरी की रात तक ये सभी जवान नक्सलियों के कोर इलाके में पहुंच गए थे। रात में तीनों जिले की फोर्स ने नक्सलियों के ठिकाने को घेर लिया। वहीं 16 जनवरी की सुबह 8 से 9 बजे के बीच नक्सलियों की जवानों के साथ पहली मुठभेड़ हुई। जिसमें जवानों ने 2 नक्सलियों को मार गिराया था। इसके बाद दिनभर रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। 16 तारीख को ही करीब 8 से 10 घंटे तक रुक-रुककर फायरिंग हुई। रात होते ही फायरिंग रुकी। जवान जंगल में ही पोजिशन लेकर बैठे रहे। अगले दिन यानी 17 जनवरी की सुबह से फिर जवानों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें 5 महिला समेत कुल 12 नक्सलियों के शवों को बरामद कर लिया गया। सभी नक्सली CRC और नक्सलियों की सबसे मजबूत टीम बटालियन नंबर 1 के माओवादी हैं। मारे गए सभी नक्सलियों के शवों समेत हथियार लेकर जवान जिला मुख्यालय पहुंचे। बचकर निकले बड़े लीडर्स जवानों ने घटना स्थल से हथियार समेत BGL लॉन्चर भी बरामद किए हैं। बड़ी बात है कि एक बार फिर से हिड़मा और नक्सली देवा पुलिस की गोली से बचकर निकल गए हैं। अफसरों का दावा है कि इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों को गोली लगी है। नक्सलियों की सुरंग मिली, यहां कई सामान डंप किए गए मुठभेड़ के बाद इलाके की छानबीन करने के दौरान जवानों को बड़ी कामयाबी मिली। सुकमा डीआरजी के जवानों के हाथ एक सुरंग लगी है। यह सुरंग सुकमा-बीजापुर सीमा में तुमरेल ओर तलपेरू नदी के बीच थी। यहां से नक्सलियों का डंप सामान जब्त किया गया है। सुरंग में हथियार और विस्फोटक बनाने का समान डंप था। इसके अलावा नक्सलियों के कैंप को भी ध्वस्त किया गया है। सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को नक्सलियों की हथियार बनाने की फैक्ट्री मिली। यहीं जवान देसी BGL लॉन्चर, देसी लॉन्चर बनाते थे। फोर्स ने उसे भी नष्ट कर दिया। IG बोले- बड़ा ऑपरेशन था
वहीं बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ यह फोर्स का बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। जवानों ने नक्सलियों के कोर जोन में घुसकर उन्हें मार गिराया। ये नक्सलियों पर बड़ा प्रहार था। उन्होंने कहा कि, लगातार हो रहे ऑपरेशन से माओवादी बैकफुट पर आए हैं।

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