ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन की पहल पर जवाहर कला केंद्र में एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम “सम्मुख” आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 28 दिसम्बर, शनिवार को सायं 4 बजे सुजस आर्ट गैलरी में होगा, जिसमें मोनिका गौड़ और शकुन्तला पालीवाल अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगी। इस कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान फोरम और श्री सीमेंट के सहयोग से किया जा रहा है। मोनिका गौड़ बीकानेर से हैं, इनकी अपने आप से अपरिचित, हरी हरी खुशबू और काली गौरैया, राजमार्ग की भेड़ें हिंदी कविता संग्रह प्रकाशित हो चुकी हैं। साथ ही, राजस्थानी भाषा में हथेली में चांद, अंधारै री उधारी अर रिसाणो चांद मुख्य है। इन्हें पंडित मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सम्मान पुरस्कार, नेमीचंद पहाड़िया साहित्य सम्मान, नानूराम संस्कर्ता पद्य पुरस्कार, पीथळ राजस्थानी भाषा पुरस्कार मिल चुके हैं। वर्तमान में शिक्षा विभाग में अध्यापक के रूप के कार्यरत हैं।
शकुन्तला पालीवाल उदयपुर से हैं। अपनी लेखनी में कविता, बाल कहानी, और लघु कथा लिखती हैं। पालीवाल की प्रमुख पुस्तकें ‘एक थी शैलजा’ बाल कहानी संग्रह, ‘केसर रा छांटा’ राजस्थानी कहानी संग्रह है। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा प्रेमजी प्रेम राजस्थानी युवा लेखन पुरस्कार एवं शंभु सिंह राजावत ‘अल्पज्ञ’ स्मृति संस्थान द्वारा अल्पज्ञ युवा राजस्थानी साहित्य सम्मान मिल चुके हैं। हिन्दी और राजस्थानी भाषा में हाईकू, बाल कहानी, कविता एवं लघु कथा के लेखन में सक्रिय हैं। वर्तमान में कृषि अधिकारी, कृषि विभाग, राजस्थान सरकार में कार्यरत हैं। फाउंडेशन के प्रवक्ता सुरेन्द्र बैरवा ने बताया कि “सम्मुख” कार्यक्रम का उद्देश्य युवा लेखकों, कवियों, शायरों और गजल लेखकों को मंच प्रदान करना है, ताकि वे अपनी रचनाओं को दर्शकों तक पहुँचा सकें। इसके इतर फाउंडेशन हर महीने साहित्यिक विमर्श, पुस्तक विमोचन, और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा सत्र आयोजित करता है।


