जशपुर के प्रतिनिधियों ने आणंद वडोदरा पंचायतों का दौरा किया

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर छत्तीसगढ़ के गांवों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का एक उच्च स्तरीय दल इन दिनों गुजरात के अध्ययन प्रवास पर है। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास के ‘गुजरात मॉडल’ को समझना और वहां की सफलतम योजनाओं को छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू करना है। 29 जनवरी से शुरू हुआ यह छह दिवसीय दौरा 3 फरवरी तक चलेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ी प्रतिनिधिमंडल ग्रामीण विकास और सहकारिता के गुर सीख रहा है। अध्ययन दल ने अपनी यात्रा की शुरुआत श्वेत क्रांति की जन्मस्थली ‘आणंद’ से की। यहां प्रतिनिधियों ने विश्व प्रसिद्ध डेयरी ब्रांड ‘अमूल’ की कार्यप्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया। दल ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि कैसे लाखों किसानों को सहकारी समिति के एक सूत्र में पिरोकर दुग्ध संग्रहण से लेकर उसके प्रसंस्करण और मार्केटिंग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित किया जाता है। जशपुर और अन्य जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने माना कि यदि छत्तीसगढ़ के गौठानों और स्थानीय सहकारी समितियों में इसी प्रकार की पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन लागू किया जाए, तो ग्रामीणों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि की जा सकती है। यह भ्रमण स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के स्टेट नोडल अधिकारी अशोक जयस्वाल और गुजरात की स्टेट नोडल ऑफिसर नीला पटेल समन्वय कर रहे हैं। अध्ययन के अगले चरण में यह दल देवभूमि द्वारका के लिए रवाना होगा। वहां प्रतिनिधिमंडल त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की प्रशासनिक बारीकियों और ग्रामीण अधोसंरचना के प्रबंधन को समझेगा। 4 फरवरी को दल की वापसी के बाद उम्मीद जताई जा रही है।

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