जशपुर जिले में एक युवक दो गौवंशों को मारते-पीटते हुए ले जा रहा था। ग्राम झिलमिली में राह चलते लोगों ने देख लिया और 15 अप्रैल को थाने में शिकायत कर दी जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अल्ताफ खान (35) को हिरासत में ले लिया है। आरोपी ग्राम साईं टांगर टोली, थाना लोदाम का रहने वाला है। तस्कर के पास गौवंशों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। फिलहाल उस पर पशु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिले में पिछले 6 महीने में 700 से ज्यादा गौवंशों को मुक्त कराया गया है। जशपुर पुलिस का ऑपरेशन ‘शंखनाद’ पुलिस ने गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘शंखनाद’ में एक और सफलता हासिल की है। चौकी आरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक गौ-तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु क्रूरता परिनियमन अधिनियम 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गौ-तस्करों पर निगरानी रख रही पुलिस एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि गौ-तस्कर अब पैदल रास्तों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस इन रास्तों पर विशेष निगरानी रख रही है। साथ ही मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। 700 से ज्यादा गौवंश को मुक्त कराया यह जशपुर पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण है। ऑपरेशन शंखनाद की शुरुआत से अब तक 700 से अधिक गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया जा चुका है।


