छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव के समीप शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। पंडित मिश्रा ने अपने प्रवचन में मांस-मदिरा जैसे तामसिक भोजन से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि भोजन से पहले पानी पीने से घुटनों का दर्द, रीढ़ की हड्डी का दर्द और सिर दर्द जैसी तीन बीमारियां दूर होती हैं। कैलाश पर्वत पर नंदी की महत्ता कथावाचक ने कैलाश पर्वत पर नंदी की महत्ता को समझाया। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि जीवन में किसी कार्य में सफलता नहीं मिल रही हो तो शिव भक्ति का सहारा लें। साथ ही अहंकार और बुरे विचारों से दूर रहने का संदेश दिया। अन्य राज्यों के भी भक्त कथा सुनने पहुंच रहे 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या साय ने भी परिवार के साथ कथा श्रवण किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिव्य कथा से उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल खोया पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की भी सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की टावर की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कथा स्थल पर जीवों का टावर भी लगवाया है।


