छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और तेज हो गई है। शासकीयकरण की मांग को लेकर सचिव 17 मार्च से आंदोलन कर रहे हैं। पंचायत संचालनालय ने 21 मार्च को आदेश जारी किया। इसमें सचिवों को 24 घंटे में काम पर लौटने को कहा गया। कोरिया जिले के बैकुंठपुर में धरने पर बैठे पंचायत सचिवों ने इस आदेश का विरोध किया। उन्होंने आदेश की प्रति जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सचिवों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 400 दिन बाद भी मांग पूरी नहीं हुई पंचायत सचिव अपने मांग को लेकर पिछले 6 दिनों से आंदोलनरत हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार बनने से पहले यह मांग मोदी गारंटी में शामिल थी। घोषणा पत्र में इसे 7वें नंबर पर रखा गया था। सरकार बने 400 दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है।


