खंडवा में बुधवार देर शाम को एक महिला अधिकारी ने जहर खा लिया। महिला का पति उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। महिला सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) के पद पर किल्लौद ब्लॉक के मालूद गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ है। बीएमओ पर लगाए प्रताड़ित करने के आरोप
सीएचओ पार्वती सोलंकी का आरोप है कि, बीएमओ के द्वारा लगातार उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। वेतन रोक दिया गया, फिर कमीशन मांगने लगा। जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। इसी से आहत होकर उसने आत्महत्या के लिए कदम उठाया। महिला सीएचओ की हालत स्थिर है। सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत भी सीएचओ का हाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। पति बोला- मैं बाहर था तब पत्नी ने चूहामार दवा खा ली महिला के पति महेश डाबर का कहना है कि, वे ट्रैवल एजेंसी का काम करते हैं। अवकाश के दौरान भी पत्नी को नोटिस जारी कर दिया गया। वेतन रोकने की बात कहीं गई। बीएमओ ने 12 दिन का वेतन निकालने के लिए 5 हजार रुपए मांगे। शिकायत पर जांच कमेटी बनाई गई, लेकिन कमेटी ने जांच प्रतिवेदन तक नहीं दिया। पार्वती को बुधवार शाम 5 बजे ड्यूटी से लेकर घर लौटा था, मैंने चाय पी और मार्केट में चले गया। घर आया तो पार्वती बेसुध थी। पूछा तो चूहामार दवा खाने की बात कहीं। बीएमओ बोले- आरोप बेबुनियाद हैं सीएचओ को परेशान करने जैसा कुछ नहीं हैं। वो 15 दिन से बिना सूचना दिए अनुपस्थित थी। नोटिस दिया तो जवाब नहीं दिया, उल्टा उसके पति ने शराब पीकर अस्पताल में हंगामा किया। हमने कोई एक्शन नहीं लिया। जबरन एसपी और सीएमएचओ से शिकायत कर दी। उस पर जांच हुई तो वो खुद दोषी पाई गई। कुछ दिन बाद राज्य स्तरीय वर्कशॉप से भी वह नदारद रही। इस लापरवाही पर जिला स्तर से नोटिस जारी हुआ, नोटिस मिलने के बाद वो अस्पताल में भर्ती हो गई। पति ने जहर खाने की बात बताई, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। वो सरासर नौटंकी कर रही हैं। मुझ पर लगाए सारे आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।


