जहां स्कूल-कॉलेज और कॉलोनियां वहीं खोल रहे शराब दुकान:लोग सड़कों पर उतरे, अफसर फिर भी नहीं मान रहे, दुकान खोलने पर अड़े

शहर की आधा दर्जन शराब दुकानों को लेकर जबरदस्त ​विवाद शुरू हो गया है। जिन जगहों पर स्कूल, कॉलेज, कॉलोनियां और अपार्टमेंट हैं उन्हीं के सामने इन नई शराब दुकानों को खोला जा रहा है। लोगों का कहना है कि अफसर अपनी मनमानी से शराब दुकान खोल रहे हैं। राजधानी में खम्हारडीह थाने के सामने, महोबाबाजार, शंकरनगर, लाखेनगर चौक, डूंडा और टेमरी में सबसे शराब दुकान खोलने का सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है। लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग के अफसरों ने बिना कोई सर्वे किए इन दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। इससे हजारों की आबादी रोज परेशान होगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बार राजधानी समेत राज्यभर में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इस वजह से रायपुर जिले में शराब दुकानों की संख्या 60 से बढ़कर 67 हो गई है। इसमें रायपुर में छह नई जगहों पर शराब दुकान खोली जा रही है। पिछले साल कोटा-महोबाबाजार रोड में लोगों के भारी विरोध-प्रदर्शन की वजह से शराब दुकान को बंद किया गया था। लेकिन इस साल इसे फिर से खोला जा रहा है। लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। डूंडा में भी शराब दुकान खोलने के विरोध में वहां बड़ी संख्या में महिलाएं रोड पर आ चुकी हैं। लगातार विरोध-प्रदर्शन के बावजूद विभाग के अफसर उन्हीं जगहों पर शराब दुकान खोलने के लिए अड़े हैं। खम्हारडीह रहवासी इलाका, फिर भी खोल रहे राजधानी के पॉश इलाके से लगा खम्हारडीह में नई शराब दुकान खोली जा रही है। जहां शराब दुकान खोली जा रही है वहां कई कॉलेज-स्कूल और बड़ी-बड़ी कॉलोनियां हैं। इस शराब दुकान का विरोध कई सामाजिक संगठनों ने भी किया है। उनका कहना है कि जहां शराब दुकान खोली जा रही है वहां से रोजाना बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं गुजरती हैं। इसी इलाके में सब्जी बाजार भी है। ऐसे में नई शराब दुकान खुलती है तो हजारों लोगों का शाम के बाद निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए वे किसी भी परिस्थिति में इस शराब दुकान को खुलने नहीं देंगे। अफसरों ने जबरदस्ती की तो सड़क से जब तक नहीं हटेंगे तब तक यह फैसला न बदला जाए। सड़कों पर खुली शराब दुकानों से लग रहा जाम शहर के मुख्य सड़क पर खुली शराब दुकानों ने लोगों को पहले ही परेशान कर रखा है। पुराना बस स्टैंड पंडरी के पास खुली शराब दुकान की वजह से शाम 6 बजे के बाद से सड़क पर जाम लगना शुरू हो जाता है। शराब खरीदने वाले लोगों की भीड़ सड़क तक आ जाती है। बंद हो चुकी आनंद टॉकिज के पास प्रीमियम शराब दुकान खोल दी गई है। मल्टीलेवल पार्किंग जयस्तंभ चौक के पीछे अहाते के साथ शराब दुकान खोली गई है। यहां किसी भी समय लोगों का आना-जाना मुश्किल हो रहा है। इसी तरह का हाल जयस्तंभ चौक के पास खुली प्रीमियम शराब दुकान का भी है। इन दुकानों में जाने वाले लोग सड़क पर ही गाड़ी खड़ी कर रहे हैं। इस वजह से सड़क और संकरी हो जाती है। अफसर मौके पर नहीं जाते लोगों से बात भी नहीं करते लोगों का आरोप है कि इसी साल नहीं बल्कि हर साल नई जगहों पर शराब दुकान खोलने का विरोध किया जाता है। लेकिन आबकारी विभाग के अफसर एक भी बार मौके पर नहीं आते। इतना ही नहीं वे लोगों से बात तक नहीं करते हैं। लोगों की परेशानी क्या है, विरोध ​क्यों किया जा रहा है। इसकी तक जानकारी नहीं लेते हैं। विरोध बढ़ने पर पुलिसवालों को आगे कर दिया जाता है। इससे भी लोगों में नाराजगी है। दुकान की जगह तय करने या उसे खोलने से पहले वहां के लोगों से राय तक नहीं ली जाती। अफसरों की लापरवाही और मनमानी की वजह से ही लोगों की परेशानी हर साल बढ़ती ही जाती है। रिपोर्ट के बाद ही तय होती है दुकान कहीं भी शराब दुकान खोलने से पहले पूरी जांच कराई जाती है। जिन दुकानों का विरोध हो रहा है उनका परीक्षण कराया जा रहा है। नियमों के अनुसार ही दुकानों की ओपनिंग होगी। लोगों की शिकायतों की भी जांच कराई जा रही है।
राजेश कुमार शर्मा, उपायुक्त आबकारी विभाग

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *