2024 और 2025 दोनों बजट में इन प्रोजेक्ट की घोषणा हुई पर अमल अभी तक नहीं राजधानीवासियों को जाम से राहत मिलती नहीं दिखा रही है। राजधानी में ट्रैफिक का दबाव कम करने और यातायात सुगम बनाने के लिए लोकनिर्माण विभाग द्वारा एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट शासन के पास भेजा गया है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही है। 2024 और 2025 के बजट में भी इन सभी प्रोजेक्ट को शामिल किया गया था। सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट खालसा स्कूल से मोवा तक ओवरब्रिज और गांधी उद्यान से तेलीबांधा तक ओवरब्रिज बनाने का है। इसके लिए दो साल पहले बजट में हरी झंडी मिली थी। सूत्रों के अनुसार बजट के अभाव में शासन ने प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस मार्ग पर बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण अक्सर हादसे और विवाद होते हैं। इस वजह से ओवर ब्रिज और अंडरब्रिज बनाने की मांग हो रही है। लोकनिर्माण विभाग के अफसरों का कहना है कि हम शासन से हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। एक-एक कर मंजूरी
^ भूमि उपलब्धता और सड़क की चौड़ाई को देखते हुए थोड़ी दिक्कत है। लेकिन एक-एक करके प्रोजेक्ट को धीरे-धीरे मंजूरी दी जा रही है। हालही में गंाधी उद्यान से तेलीबांधा तक 180 करोड़ के फ्लाई ओवर की मंजूरी दी गई है।
कमलप्रीत सिंह, सचिव पीडब्ल्यूडी जीई रोड पर फ्लाईओवर
जीई रोड पर गांधी उद्यान से तेलीबांधा तालाब के आगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक तक फ्लाईओवर के लिए 50 करोड़ मंजूरी मिली थी। फ्लाईओवर 4 लेन बनाया जाना है। इसमें दो लेन आने और दो लेन जाने के लिए रहेगी। जयस्तंभ चौक की ओर से आकर तेलीबांधा चौक या उसके आगे जाने वाला ट्रैफिक फ्लाईओवर से सीधे वहां पहुंचेगा। बता दें ककि सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। फुंडहर चौक पर फ्लाईओवर ब्रिज
फुंडहर चौक पर 30 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर के निर्माण की मंजूरी मिली है। इसकी लंबाई 700 मीटर तथा चौड़ाई 17 मीटर है। इससे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को फुंडहर चौक के ट्रैफिक में फंसने से राहत मिलेगी और लोगों के 10 मिनट तक बचेंगे। पीडब्ल्यूडी ने दो साल पहले इसकी ड्राइंग डिजाइन भी तैयार कर लिया था। शासन के पास फाइल भेजी गई थी लेकिन मंजूरी नहीं मिली है। मोवा से जोरा के बीच एक्सप्रेस-वे टू
शासन ने इस साल से बजट में मोवा से जोरा के बीच 14.7 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे-2 बनाने का योजना बनाई है, जो सीधे बिना सिग्नल और रुकावट के जोरा तक कनेक्टिविटी देगा। इससे नया रायपुर और एयरपोर्ट जाने वालों का सफर आसान हो जाएगा। इसकी लागत करीब 1295 करोड़ है। सर्वे कर रिपोर्ट भेज दी गई है, लेकिन हरी झंडी अभी तक नहीं मिली है। पंडरी से मोवा के बीच 4 किमी लंबा ओवरब्रिज
पंडरी से मोवा राजधानी का सबसे व्यस्ततम रोड है। शाम होते ही यहां पर जाम की स्थिति बन जाती है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने दो साल पहले खालसा स्कूल से पंडरी थाने के आगे 4 किमी तक ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए प्लान बनाकर शासन को सौंपा था। शासन ने बजट में शामिल कर तकरीबन 300 करोड़ के बजट की भी मंजूरी दे दिया था। लेकिन मुख्यालय से अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इससे करीब दो दर्जन से ज्यादा कालोनियां व बस्तियां हैं।
बजट-2025 में कालीबाड़ी से पाटन तक… इन प्रोजेक्ट की घोषणाएं हुईं लेकिन अभी तक नहीं मिली स्वीकृति


