जांच में खुलासा:रायपुर में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के रास्ते आ रहा ड्रग्स, नए साल की पार्टी के लिए एडवांस ऑर्डर

युवा कांग्रेसी नेता राहुल ठाकुर से मिले ड्रग्स की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जब्त किया गया एमडीएमए पंजाब से आया है। इसकी गुणवत्ता की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस की सख्ती के बाद भी रायपुर में धड़ल्ले से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से ड्रग्स आ रहा है। पुलिस ने तस्करों के अलग-अलग गिरोह पकड़े हैं, लेकिन नए तस्करों का गिरोह खड़ा हो गया है। जो पहले खुद के लिए ड्रग्स मंगाते थे, वे अब दूसरों के लिए ड्रग्स मंगाकर पैसा कमा रहे हैं। पुलिस ने ऐसे 7 से ज्यादा तस्करों की पहचान की है। उनके पीछे टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही छापेमारी कर तस्करों को पकड़ा जाएगा। इधर, युवा कांग्रेसी नेता से जुड़ी एक युवती और एक युवक को पूछताछ के लिए तलब किया गया था। उनसे लंबी पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने राहुल के मोबाइल को जांच के लिए लैब भेजा है। उसकी चैट रिपोर्ट निकाली जा रही है। रिसॉर्ट, फार्महाउस और क्लबों में पार्टियां, सप्लाई के लिए बड़े पैमाने पर मंगाया ड्रग्स
पुलिस ने पिछले सप्ताह कमलेश अरोड़ा, गगनदीप सिंह, आयुष दुबे और बगेल सिंह को पकड़ा था। इनके मोबाइल की जांच और पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नए साल की पार्टी के लिए बड़े पैमाने पर ड्रग्स का ऑर्डर दिया गया है। 30-31 दिसंबर और 1-2 जनवरी को आउटर क्षेत्र के रिसॉर्ट, फार्महाउस और क्लबों में इस तरह की पार्टियां रखी गई हैं। सेजबहार रोड की बड़ी कॉलोनियों के कुछ घरों को भी पार्टी के लिए बुक किया गया है। फार्महाउस भी टेक्नो पार्टी के लिए बुक किए गए हैं, जहां सीमित लोग ही शामिल हो पाएंगे। 310 से ज्यादा नंबर मिले, हाई प्रोफाइल लोगों पर कार्रवाई से बच रही है पुलिस
ड्रग्स क्वीन नविया मलिक उर्फ नव्या और विधि अग्रवाल के मोबाइल की जांच के दौरान 310 से ज्यादा लोगों के नंबर मिले हैं, जो ड्रग्स का नशा करते हैं। इनमें अधिकांश हाईप्रोफाइल जैसे विधायक, नेता, कारोबारी, उद्योगपति और अधिकारी शामिल हैं। पुलिस के पास इनकी सूची है, लेकिन पुलिस की ओर से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आईजी अमरेश मिश्रा ने काउंसिलिंग के लिए कमेटी भी बनाई थी, पर तीन माह बाद भी कमेटी ने एक भी ड्रग्स लेने वाले की काउंसलिंग नहीं की है। पुलिस के पास चैट से लेकर ट्रांजेक्शन तक की पूरी रिपोर्ट मौजूद है। जानिए…क्या है एमडीएमए मेथिलीनडाइऑक्सी मेथामफेटामीन (एमडीएमए) एक नशीला पदार्थ है। इसे एक्स्टसी या मॉली भी कहा जाता है। इसे लेने से दिमाग में सेरोटोनिन, डोपामिन और नॉरएपिनेफ्रिन जैसे रसायन तेजी से रिलीज होते हैं।

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