जांजगीर का खोखरा और सक्ती का ठठारी बनेगा सोलर विलेज, बिजली के मामले में होंगे आत्मनिर्भर

भास्कर न्यूज| जांजगीर गुजरात के मोढेरा गांव की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी 33 सोलर विलेज विकसित किए जाएंगे। इसमें जांजगीर-चांपा से खोखरा और सक्ती से ठठारी का नाम भेजा गया है। केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के घटक माडल सोलर विलेज को छत्तीसगढ़ में भी मंजूरी मिल गई है। सोलर विलेज बनाने के पीछे उद्देश्य गांव को बिजली के क्षेत्र में पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकार साथ मिलकर काम कर रही हैं। ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से इसका संचालन होगा। सोलर विलेज बनाने का मकसद गांवों को विद्युत की आवश्यक पूर्ति के लिए स्वच्छ और ग्रीन ऊर्जा के रूप में विकसित करना है। इसमें सभी घरों, सामुदायिक स्थलों, पंचायत स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों सोलर रूफटाफ संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सौर चलित स्ट्रीट लाइट, सौर चलित सिंचाई पंप लगाए जाएंगे। सोलर ऊर्जा से गांव जगमग होंगे। इससे न केवल ग्रामीण घरों को 24 घंटे बिजली मिलेगी, बल्कि बिजली कटौती की समस्या भी दूर होगी । विशेषज्ञों का कहना है कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से पारंपरिक बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। क्रेडा के एई रामसनेही कश्यप ने बताया कि पहले चरण में राज्य के 33 जिलों से एक-एक गांव के नाम प्रस्ताव मंगा लिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद हर गांव को 66 करोड़ का फंड जल्द ही मिलेगा। इससे क्रेडा गांव में हर व्यक्ति को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास करेगी। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाएगी कि गांव को ग्रिड से बिजली न लेना पड़े। ^खोखरा गांव को सोलर विलेज बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद फंड आते ही क्रेडा के माध्यम से जल्द से जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा। आकाश छिकारा, कलेक्टर जांजगीर-चांपा गुजरात का मोढेरा विलेज 9 अक्टूबर 2022 को पहला सोलर विलेज बना। गांव के करीब 1,300 परिवारों ने अपने घरों को बिजली देने के लिए अपनी छतों पर सौर पैनल लगाए हैं। गांव में सौर ऊर्जा से चलने वाली स्ट्रीट लाइटें, बस स्टॉप, स्कूल, आंगनवाड़ी आदि हैं। मोढेरा में जमीन पर स्थापित सौर संयंत्र से प्रसिद्ध सूर्य मंदिर को बिजली मिलती है। सरकार ने मोढेरा में छतों पर सौर पैनल लगाने की योजना शुरू की। यह एक पायलट प्रोजेक्ट था, ताकि यह देखा जा सके कि सौर ऊर्जा का बड़े पैमाने पर कैसे उपयोग किया जा सकता है। वहां सफलता हासिल करने के बाद इसे अन्य जिलों में लागू किया जा रहा है। फंड आने के बाद सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा जिला स्तरीय समिति ने जिले के एक-एक गांव को सोलर विलेज बनाने का प्रस्ताव भेजा है। उसमें जांजगीर-चांपा जिले से खोखरा और सक्ती से ठठारी गांव शामिल हैं। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जो फंड आएगा उससे गांव में सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाएगा। इसमें गांव के हर परिवार को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा। जिले से खोखरा को सोलर विलेज बनाने का प्रस्ताव बैटरी स्टोरेज सिस्टम से रात में होगी बिजली सप्लाई परियोजना के तहत हर घर की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे गांव के लोगों को 24 घंटे मुफ्त बिजली मिलेगी। इसके अलावा, सरकार द्वारा बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी स्थापित किया है, जिससे रात में भी बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। ग्रामीणों को बिजली बिल से मुक्ति मिलने के साथ-साथ अतिरिक्त बिजली बेचने का भी अवसर मिलेगा। गुजरात का मोढेरा 2022 को बना पहला सोलर विलेज

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