सक्ती जिला बनने के बाद नहीं खुला नवोदय स्कूल

जांजगीर-चांपा में ब्लॉकवार सफल छात्र अकलतरा – 3 बलौदा – 3 बम्हनीडीह – 5 नवागढ़ – 5 पामगढ़ – 5 सक्ती में ब्लॉकवार सफल छात्र सक्ती – 5 मालखरौदा – 24 जैजैपुर – 21 डभरा – 9 शिक्षा विभाग में विवाद से संबंधित अधिकतर मामले कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। चाहे वह डीएमसी-एपीसी विवाद हो या डीएमसी-प्रभारी प्राचार्य विवाद। व्याख्याता या स्कूलों के प्राचार्य अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। सक्ती जिला गठन की घोषणा 15 अगस्त 2021 को की गई थी। यह छत्तीसगढ़ का 33 वां जिला है। सक्ती जिला का उद्घाटन 9 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश ने किया। चार ब्लाक सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर और डभरा को मिलाकर यह जिला बनाया गया है। ​चिस्दा में नवोदय स्कूल स्थित होे से यह सक्ती जिले में चला गया। उसके बाद ढाई साल गुजरने के बाद भी जांजगीर-चांपा में नवोदय स्कूल नहीं खुल सकता है। इसके कारण भी जिले के छात्रों को प्रवेश के लिए कम सीटें मिल रही है। डीएमसी के अनुसार कलेक्टर आकाश छिकारा ने मंजूरी के लिए फाइल भेजी है। ^नवोदय में इस बार अच्छा रिजल्ट लाने के लिए कई प्रयास किए गए, फिर भी परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। हमारे यहां एसटी छात्र नहीं हैं। सक्ती में एससी और एसटी ज्यादा हैं, इसलिए वहां परिणाम बेहतर रहा है। – राजकुमार तिवारी, डीएमसी बम्हनीडीह विकासखंड से 5 छात्रों का चयन हुआ है। इनमें 3 प्राइवेट और 2 सरकारी स्कूल के छात्र हैं। इसके बावजूद बीईओ एमडी दीवान ने छात्रों के सम्मान समारोह में अपनी और कलेक्टर आकाश छिकारा की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में अच्छी तैयारी कराई गई थी। सवाल यह उठता है कि अगर सरकारी स्कूलों में अच्छी तैयारी कराई गई थी, तो प्रवेश पाने वाले छात्रों की संख्या इतनी कम क्यों है। विभाग कर रहा है तैयारी कराने का दावा… बम्हनीडीह ब्लॉक में हुए समारोह में बीईओ एमडी दीवान ने बताया कि कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर नवोदय प्रवेश परीक्षा के लिए प्रत्येक स्कूल में परीक्षा से पहले 3-4 बार ब्लॉक स्तर पर मॉक टेस्ट लिए गए और अच्छे अंक वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। इसी वजह से अच्छा परिणाम आया। इसे अच्छा कहा जा रहा है, तो खराब कैसा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। भास्कर न्यूज| जांजगीर जवाहर नवोदय विद्यालय चिस्दा की प्रवेश परीक्षा में एक बार फिर जांजगीर-चांपा जिले का परिणाम निराशाजनक रहा है, जबकि सक्ती जिले के सरकारी स्कूलों के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जांजगीर-चांपा जिले में सरकारी स्कूलों में अधिक छात्रों को प्रवेश दिलाने के प्रयास किए गए, लेकिन वे प्रयास सफल नहीं हो सके। कुछ विकासखंडों में चयनित छात्रों के सम्मान के नाम पर वाहवाही लूटने की कोशिश की जा रही है। जांजगीर-चांपा जिले से 4000 से अधिक आवेदन किए गए थे, लेकिन केवल 21 छात्र ही प्रवेश पाने में सफल रहे। बाकी 59 सीटों पर सक्ती के छात्रों को प्रवेश मिलेगा।

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