जांजगीर-चांपा में “शबरी कार सेवा” अभियान का शुभारंभ:शिवरीनारायण को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक-मुक्त बनाने जनआंदोलन शुरू

जांजगीर-चांपा में जिला प्रशासन और नगर पंचायत शिवरीनारायण की संयुक्त पहल “शबरी कार सेवा” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप देना है। इसकी शुरुआत सामूहिक श्रमदान, नदी-तट संरक्षण और जन-जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुई। अभियान के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान और नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत उपस्थित रहे। इनके साथ जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर नदी घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शिवरीनारायण को एक पवित्र, ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी बताया, जहां तीन नदियों का संगम इसकी पहचान है। उन्होंने कहा कि इस धरोहर को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक-मुक्त रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि “शबरी कार सेवा” एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाला अभियान है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि “शिवरीनारायण नगर हमारा है, इसे स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।” कलेक्टर ने नगर को घर की तरह साफ रखने का संदेश दिया कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि घर की तरह पूरे नगर को स्वच्छ रखने की आदत विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कचरे के संग्रहण, गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण और शत-प्रतिशत निस्तारण को अनिवार्य बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को “स्वच्छता सेनानी” के रूप में शपथ दिलाई गई। उन्होंने खुले में कचरा न फैलाने, घाटों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने, घर-घर कचरा पृथक्करण करने तथा समाज को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। स्वच्छता अभियान में कचरा संग्रहण, घाट-सौंदर्यीकरण पर फोकस इस अभियान के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, डस्टबिन-फ्री बाजार, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार सृजन, घाटों का सौंदर्यीकरण, नाव संचालन और नदी-तट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन प्रयासों से स्वच्छता के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि “स्वच्छता केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नागरिक आदत बननी चाहिए।” उन्होंने नगर की सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को “स्वच्छता मित्र” के रूप में सम्मानित करने की बात भी कही, यह मानते हुए कि उनके योगदान के बिना स्वच्छ शिवरीनारायण की कल्पना संभव नहीं है।

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