जागरूक होने से ही खत्म होगी लव-जिहाद की समस्या

भास्कर संवाददाता | बड़वानी मप्र उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में शुक्रवार को प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के निर्देशन व महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. अर्चना सिसोदिया के मार्गदर्शन में लव-जिहाद के खिलाफ जनजागरण अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें मुख्यवक्ता बाल कल्याण समिति सदस्य स्मिता अत्रे रही। उन्होंने बताया कि केरल, कर्नाटक व इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसलों में स्पष्ट रूप से लव-जिहाद शब्द का प्रयोग किया और इसे संगठित धर्मांतरण का तरीका माना है। वर्तमान दौर सोशल मीडिया का है। यहां लड़कियां भ्रमित हो जाती हैं। कोई भी मित्रता वास्तविकता छिपाकर किया जाए तो उसे धोखे की श्रेणी में माना जाएगा। इसके प्रति लड़कियों को जागरूक व सतर्क होना जरूरी है। लड़कियां किसी के बहकावे में ना आए। अपने संस्कार और संस्कृति को बनाए रखेगी तो एक स्वस्थ समाज निर्मित रहेगा। लड़कियों के जागरूक होने से लव जिहाद की समस्या खत्म होगी। परिजन भी बेटियों को ऐसे संस्कार देकर परवरिश करें की वह किसी के बहकावे में नहीं आए। पास्को एक्ट की जानकारी देते हुए कहा कि नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार व लैंगिक उत्पीड़न क्षमा योग्य नहीं है। न्यायिक प्रकरण के उदाहरणों की जानकारी दी गई। उन्होंने जिले में लव-जिहाद संबंधी समस्याओं से भी अवगत कराया। लड़कियों को सजग व सतर्क रहने की सख्त जरूरत है। कला संकाय अध्यक्ष डॉ. आशा साखी गुप्ता ने कहा अपनी समस्याओं को परिवार व शिक्षक से साझा करें।महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. सिसोदिया ने कहा जिहाद एक अरबी शब्द है, जिसका हिंदी अर्थ संघर्ष होता है। लव जिहाद एक बहुत ही संवेदनशील, विवादास्पद लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिस पर हमें चर्चा कर हमारी छात्राओं को जागरूक करना जरूरी है। कार्यशाला का संचालन प्रो. रितू कुमरावत ने किया। आभार डॉ. शीला बघेल ने माना। कार्यशाला में डॉ. कंचन कन्नोजे, प्रो. अर्चना पीपलोदे सहित 500 विद्यार्थी मौजूद थे।

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