शाजापुर के प्रधान सत्र न्यायाधीश ने जानलेवा हमले के एक आरोपी को दस साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला मंगलवार शाम को सुनाया गया। आरोपी कदीर शाह उर्फ छोटिया उर्फ पिता सरदार शाह निवासी ग्राम आलाउमरोद को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत दोषी पाया गया। आरोपी ने पीड़ित पर चाकू से किया था वार अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 19 जनवरी 2024 की रात करीब पौने दो बजे ग्राम आलाउमरोद में हनुमान बल्डी स्थित गजेंद्र सिसौदिया की दुकान पर हुई थी। आरोपी कदीर शाह वहां आया और गजेंद्र को गाली देने लगा। उसने अपनी कमर से चाकू निकालकर गजेंद्र को जान से मारने की नीयत से पेट में दो और कलाई पर एक चाकू मारा। हमले के बाद, लोगों को आता देख कदीर शाह ने गजेंद्र को धमकी दी कि “आज तो चाकू मारे हैं, किसी दिन गर्दन काटकर जान से खत्म कर दूंगा” और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल गजेंद्र को आसपास के लोग जिला अस्पताल शाजापुर ले गए, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे इंदौर रेफर किया गया। चाकू के घावों के कारण गजेंद्र के पेट की आंत का एक हिस्सा काटकर निकालना पड़ा था। कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा घटना के बाद, पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी कदीर शाह को गिरफ्तार किया और उससे चाकू जब्त किया। विवेचना के दौरान, कोतवाली शाजापुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए और न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध प्रकरण की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी ने एक गंभीर अपराध किया है, जिससे गजेंद्र सिसौदिया की जान भी जा सकती थी। न्यायालय ने इस तर्क से सहमत होते हुए आरोपी को धारा 307 भा.द.वि. के तहत दोषी ठहराया और दस वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।


