जानिए, क्या है रिवर फ्रंट, क्या काम कराए जाएंगे

भास्कर न्यूज | बालोद बुधवार को श्रमदान से तांदुला नदी की सफाई हुई। इसके लिए कलेक्टर एसपी, राजनेता से लेकर जिले के ग्रीन कमांडो, समाजसेवी व अन्य समाज के लोगों ने मानव शृंखला तैयार की। इसके पहले कई बार सफाई होने के बाद स्थिति जस की तस हो चुकी है। इसी को ध्यान में रखकर जिला व नगर पालिका प्रशासन ने स्थाई समाधान के लिए तांदुला रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत कई काम कराने की प्लानिंग की है। कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने कहा कि नदी किनारे स्ट्रीट लाइटें लगाएंगे ताकि रात में शराब पीकर यहां आने वाले गंदगी न कर सकें। हम भविष्य में भी यहां फिर से यह गंदा ना हो इसके लिए चरणबद्ध तरीके से प्लान तैयार कर काम करेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी साहू ने बताया कि तांदुला नदी को संवारने का कार्य बजट में शामिल हो चुका है। पार्षदों ने सहमति दे दी है। शासन से अनुमति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। तांदुला रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत रामघाट से मुक्तिधाम तक नदी की सफाई कर सौंदर्यीकरण, पिचिंग कार्य कराया जाएगा। नाव चलाने और गार्डन बनाने की प्लानिंग भी है। नपा व जिला प्रशासन की प्लानिंग अनुसार प्रस्तावित काम पूरा होने से लोगों को सुविधाएं मिलने के अलावा तांदुला नदी सुरक्षित भी रहेगी। नगर पालिका, नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से काम कराने सर्वे कराया गया है। प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 700 मीटर के दायरे में कई काम कराने 2.50 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। नपा के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बालोद की पहचान तांदुला नदी से है। पूर्व में भी रामघाट के सौंदर्यीकरण की बात कही गई थी काम शुरू नहीं हो पाया। इस बार के बजट में रामघाट को लेते हुए मुक्तिधाम तक तांदुला रिवर फ्रंट कार्य को शामिल कर डीपीआर (डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार किया है। जानें, इसलिए महत्वपूर्ण है तांदुला नदी का यह स्थल पेयजल सप्लाई- जल आवर्धन योजना के तहत पानी सप्लाई प्रभावित होती है तो नदी में स्थित बोर, संपवेल के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई होती है। वाटर लेवल- तांदुला नदी में पानी साफ होने से गर्मी मंे वाटर लेवल स्थिर रहता है। जिससे पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनती। पंचमुखी हनुमान मंदिर- नदी के बगल में ही पंचमुखी हनुमान व अन्य मंदिर स्थापित है। जो आस्था का केंद्र है। अस्थि विसर्जन- जिस तरह से लोग अस्थि विसर्जन के लिए राजिम, इलाहाबाद या कोई धार्मिक स्थल में जाते है, वैसे ही तांदुला नदी मंे भी अस्थि विसर्जन करने लोग पहुंचते हैं। निषाद समाज की आस्था- हर साल निषाद समाज की ओर से यहां निषाद जयंती पर सामाजिक कार्यक्रम होता है। नाव के माध्यम से तांदुला नदी में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के रूप में सामाजिक लोग नदी पार करते हैं। निस्तारी- इस नदी के पानी का उपयोग जिला मुख्यालय सहित कई गांवों के लोग निस्तारी व अन्य कामों के लिए करते हैं।

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