जामताड़ा जिले में उपायुक्त रवि आनंद द्वारा आयोजित जनता दरबार में एक वृद्धाश्रम में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। फतेहपुर निवासी बबलू हेंब्रम ने वृद्धाश्रम संचालक पर भोजन में लापरवाही और अधिकारियों पर झूठी जानकारी देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। बबलू हेंब्रम ने बताया कि वह पिछले सात महीनों से जामताड़ा स्थित वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनके अनुसार, उन्हें प्रतिदिन केवल आलू की सब्जी दी जाती थी, और आश्रम में खान-पान तथा रहने की सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण नहीं थीं। लोहिया विकलांग समिति द्वारा किया जा रहा संचालन हेंब्रम ने आरोप लगाया कि आश्रम का संचालन लोहिया विकलांग समिति नामक एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) द्वारा किया जा रहा है। संचालक जयंत यादव द्वारा निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों पर यह कहने का दबाव बनाया जाता था कि आश्रम में मांसाहारी, मछली और प्रोटीनयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत थी। बबलू हेंब्रम ने यह भी बताया कि शिकायत करने पर उन्हें आश्रम से निकाल दिया गया। वृद्ध की आपबीती सुनने के बाद उपायुक्त रवि आनंद ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने त्वरित जांच के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि लोहिया विकलांग समिति के संचालक जयंत यादव को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


