भास्कर न्यूज | जामताड़ा संथाल परगना प्रक्षेत्र के आईजी क्रांति कुमार ने बुधवार को जामताड़ा अनुमंडल पुलिस कार्यालय का निरीक्षण किया। पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। आईजी ने कार्यालय के अभिलेखों की जांच की। लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी एहतेशाम वकारिब, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद लागुरी, प्रशिक्षु डीएसपी चंदशेखर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आईजी ने बताया कि उन्होंने सात महीने पहले संथाल परगना में योगदान दिया था। तब से उनका पूरा फोकस साइबर अपराध पर अंकुश लगाने पर रहा है। पिछले सात महीनों में जामताड़ा और देवघर में 700 से ज्यादा साइबर अपराधी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस पूरी शक्ति से अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। आईजी ने बताया कि साइबर अपराध की गहराई से जांच और प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इससे अपराधियों पर नियंत्रण में मदद मिली है। जामताड़ा, जो कभी साइबर अपराध का गढ़ माना जाता था, वहां अब हालात बदल रहे हैं। प्रशासन तकनीक का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों तक पहुंच बना रहा है। आईजी ने पुलिस अधिकारियों को लंबित मुकदमों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए। कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिलना चाहिए। पुलिस की प्राथमिकता अपराध को जड़ से खत्म करना और जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना है। उन्होंने जामताड़ा पुलिस की सराहना की। कहा कि साइबर अपराध नियंत्रण में स्थानीय पुलिस ने बेहतरीन काम किया है। आने वाले समय में अपराधियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी।


