जामताड़ा पुलिस ने मिहिजाम में मोस्ट वांटेड सुपारी शूटर युवराज यादव उर्फ युवराज सिंह और उसके साथी मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी हत्या, रंगदारी और कई गोलीकांड के मामलों में वांछित थे। जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता के अनुसार, आरोपी मिहिजाम के कचरा पट्टी में अपने सहयोगियों के साथ किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे थे। थाना प्रभारी विवेकानंद दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कचरा पट्टी मिहिजाम तीन मुहाने के पास घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। मुकेश कुमार के पास से तीन जिंदा कारतूस मिले युवराज यादव के पास से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। मुकेश कुमार के पास से तीन जिंदा कारतूस मिले। मुकेश फाइनेंस कर युवराज के गिरोह को सहयोग प्रदान करता था। युवराज यादव मूल रूप से बख्तियारपुर, पटना का रहने वाला है और वर्तमान में कुर्मीपाड़ा, मिहिजाम, जामताड़ा में रहता था। मुकेश कुमार कानगोई मिहिजाम, जामताड़ा का निवासी है, जिसका स्थायी पता गुनसागर, थाना तेतरहट, लखीसराय है। युवराज यादव का मिहिजाम और चित्तरंजन से पुराना संबंध रहा है। उसके दादा चिरेका में नौकरी करते थे, जिसके कारण वह यहां आता-जाता रहता था। पूछताछ में युवराज ने बताया कि वह मिहिजाम में एक लड़की से मिलने अक्सर आता था। 30 जनवरी को लेफ्टि सिंह को गोली मारने का आरोप इसी दौरान उसकी दोस्ती अम्बेडकरनगर, मिहिजाम के राहुल गुप्ता उर्फ मुर्गी, मोर्टिन और अन्य लोगों से हुई। इसके बाद उन्होंने मिलकर अपराध की योजनाएं बनानी शुरू कर दीं। युवराज पर 30 जनवरी को लेफ्टि सिंह को गोली मारने का आरोप है। रुपनारायणपुर पुलिस भी उसे CISF जवान सुनील पासवान की हत्या के सिलसिले में खोज रही थी। अपराध करने के बाद वह फरार हो जाता था और अक्सर अपनी प्रेमिका से मिलने आता था। छापामारी दल में थाना प्रभारी विवेकानंद दुबे, एसआई गुलशन कुमार सिंह, सोमबारी हेम्ब्रम, अरुण कुमार मल्लिक, संतोष कुमार दास, अजीत कामती, राजीव आनंद और परमेश्वर मंडल सहित रजनीश कुमार शामिल थे।


