जालंधर की एक अदालत ने 2 किलो अफीम की बरामदगी से जुड़े 2024 के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। अदालत ने उन्हें बुधवार को पेश होने और 5 हजार रुपए का जमानत बांड भरने का आदेश दिया है। जालंधर के अदालत ने नशा तस्करी के एक पुराने मामले में पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को व्यक्तिगत रूप से पेश न होने पर जमानती वारंट थमा दिया है। यह मामला साल 2024 का है, जिसमें पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 किलो अफीम बरामद की थी। उस समय पुलिस विभाग ने दावा किया था कि इस बरामदगी के जरिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। केस की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर को पेश होने के निर्देश दिए थे। पुलिस कमिश्नर ने अपनी अनुपस्थिति के पीछे वीवीआईपी (VVIP) ड्यूटी में व्यस्त होने का हवाला दिया था। हालांकि, अदालत उनकी इस दलील से सहमत नहीं दिखी और कार्यवाही में देरी को देखते हुए कड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने अब स्पष्ट आदेश दिया है कि पुलिस कमिश्नर बुधवार को स्वयं उपस्थित हों। साथ ही, उन्हें 5,000 रुपए की जमानत राशि जमा करानी होगी। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है।


