जालंधर पुलिस ने 4 पिस्तौल सहित 5 आरोपी किए गिरफ्तार:नाकेबंदी में स्विफ्ट कार से ड्राइवर सीट के नीचे मिलीं अवैध पिस्तौल, पुलिस जांच शुरू

जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के स्पेशल सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान एक स्विफ्ट कार से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से एक ग्लॉक पिस्तौल और तीन देसी पिस्तौलों सहित कुल चार अवैध हथियार और 39 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपी अमृतसर, मोगा और गुरदासपुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। एडीसीपी (ADCP) जयंत पुरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशल स्टाफ के सब इंस्पेक्टर मनजिंदर सिंह अपनी टीम के साथ नंगल शामा के पास रूटीन चेकिंग और नाकेबंदी पर तैनात थे। इसी दौरान पुलिस टीम को एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। कार में सवार युवकों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। जब कार की गहनता से तलाशी ली गई, तो ड्राइवर सीट के नीचे छिपाकर रखी गई अवैध पिस्तौलें बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों की पहचान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों की पहचान यकूब अल्ली निवासी बाबा बकाला, अमृतसर,सिपाहियां निवासी बटाला कला, अमृतसर,सोनू निवासी मोगा,पिंकू निवासी गुरदासपुर और जोबन मसीह निवासी गुरदासपुर के रुप में हुई है। रिमांड के दौरान बरामदगी और खुलासे पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर और भी हथियार बरामद किए। अब तक की जांच में पुलिस ने कुल 4 पिस्तौलें, जिनमें एक आधुनिक ग्लॉक पिस्तौल भी शामिल है, और 39 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। एडीसीपी पुरी ने बताया कि यह गिरोह हथियार कहाँ से लाया था और इन्हें आगे कहाँ सप्लाई किया जाना था, इस संबंध में पूछताछ जारी है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार बड़े अपराधी नेटवर्क या गैंगस्टरों से जुड़े हो सकते हैं। आगे की कार्रवाई जालंधर पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन हथियारों का इस्तेमाल शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा और संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके।

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