पंजाब के जालंधर में बुधवार को सुबह से हुई बारिश के कारण शहर में कई जगह पर जलभराव है। सड़क टूटी होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामान करना पड़ रहा है। इस वक्त पंजाब के तकरीबन सभी जिले बाढ़ की चपेट में हैं। जालंधर में सतलुज दरिया से सटे इलाकों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। वहीं, आज सुबह बस्ती शेख में आज सुबह एक घर गिर गया। उक्त घर में व्यक्ति रहता था। मगर सुबह चाय के लिए वह दूध लेने घर से निकला था। इस बीच उसका घर गिर गया। घटना में जानी नुकसान से बचाव है, मगर माली नुकसान काफी हुआ है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने मंगलवार देर रात बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने फिल्लौर के संगोवाल गांव में देर रात चल रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों का जायजा लिया और कर्मचारियों व निवासियों का उत्साहवर्धन भी किया और कहा कि मैं हर वक्त यहां मौजूद हूं। फैक्ट्री से रेस्क्यू किए गए 8 मजदूर जालंधर में बाढ़ को लेकर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल कहा है कि जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें फिलहाल अलर्ट पर हैं। बाढ़ का पानी फिल्लौर, शाहकोट, लोहिया खास आसपास के इलाके में घुस चुका है। कल यानी मंगलवार को प्रशासन द्वारा शाहकोट की एक फैक्ट्री में फंसे करीब 8 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। वहीं, जालंधर छावनी में स्थित चिट्टी बेईं ओवरफ्लो होने के कारण आसपास के कई गांवों में पानी आ चुका है और ये पानी आगे बढ़ने की भी आशंका है। वहां पर भी जिला प्रशासन की टीमें तैनात कर दी गईं हैं। वहीं, पूरे जिले में एनडीआरएफ सहित अन्य टुकड़ियां भी तैनात हैं। शहर की टूटी सड़कों से सबसे ज्यादा प्रभावित जालंधर बता दें कि शहर में बारिश के अलर्ट के चलते पूरा शहर जलभराव की चपेट में हैं। मगर जलभराव के साथ साथ शहर का इस वक्त सबसे बड़ी मार लोगों को टूटी हुई सड़कों की झेलनी पड़ रही है। नकोदर चौक से लेकर वर्कशॉप चौक तक सारी सड़क टूटी हुई है और उक्त सड़क पर जलभराव है। यह शहर की सबसे प्रमुख सड़क है, जिसके चलते मजबूरन लोगों को उक्त सड़क का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पिछले 2 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नालों में पानी भर गया है और इस स्थिति को देखते हुए पिछली रात ही एनडीआरएफ की दो टीमें शाहकोट में तैनात की गई।


