जालंधर के बेस्ट वेस्टर्न होटल में भाजपा द्वारा बजट 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मनोरंजन कालिया और केडी भंडारी समेत कई दिग्गज नेताओं ने मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को ‘ऐतिहासिक’ और ‘सर्वांगीण विकास’ वाला बताया। नेताओं ने जोर दिया कि यह बजट किसी विशेष जाति या क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों और भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को पूरा करने वाला है। भाजपा नेताओं ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट देश के हर वर्ग के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नेताओं ने कहा कि आमतौर पर बजट के समय लोग टैक्स छूट की उम्मीद में रहते हैं, लेकिन यह पहली बार है जब देश का नागरिक सरकार की कार्यप्रणाली से इतना संतुष्ट है कि कहीं कोई रोष नहीं है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर नेताओं ने बताया कि यह लगभग 50 लाख करोड़ का अनुमानित बजट है, जिसमें से 12.5 लाख करोड़ रुपये केवल पूंजीगत व्यय के लिए रखे गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। बॉर्डर के गांवों का विकास, सड़कों का जाल बिछाना और जल मार्गों का उपयोग करना इस बजट की प्राथमिकता है ताकि देश का हर कोना आपस में जुड़ सके।
किसानों और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि ‘किसान सम्मान निधि’ को जारी रखा गया है। उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले किसानों को छोटे कर्जों के लिए जेल जाना पड़ता था, लेकिन अब किसान क्रेडिट कार्ड और एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। कोल्ड स्टोरेज की सुविधा और भंडारण की समस्या को दूर करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। युवा, शिक्षा और कौशल विकास युवाओं के लिए बजट में स्किल इंडिया और स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस है। शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में आधुनिक लैब बनाई जाएंगी। डिजिटल लर्निंग और रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भारत की नई पीढ़ी विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें आयुष्मान भारत योजना और कैंसर की सस्ती दवाइयों पर जोर दिया गया है। वहीं, महिला एवं बाल विकास के लिए 3 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं। 800 जिलों में महिला सहायता समूहों को सशक्त बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट प्रधानमंत्री मोदी के ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए नेताओं ने कहा कि अब स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल पहचान मिल रही है। G20 जैसे मंचों के माध्यम से छोटे कारीगरों और उनके उत्पादों की मार्केटिंग बढ़ी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी लाभ मिल रहा है।


