जालंधर में बूथ से 200 मीटर तक नो-एक्टिविटी जोन:फोन, लाउडस्पीकर,गाड़ी सब बैन, ADCअमनिंदर कौर जारी किए आदेश

जालंधर में 12 दिसंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-सह-अतिरिक्त उपायुक्त अमनिंदर कौर ने 14 दिसंबर 2025 को होने वाले मतदान के लिए पोलिंग बूथों के 200 मीटर के दायरे में कई सारे प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। ये आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया हैं, जिनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना है। 200 मीटर का दायरा ‘नो-एक्टिविटी जोन’ घोषित अमनिंदर कौर के द्वारा जारी किए गए आदेशों के तहत मतदान केंद्रों के 200 मीटर के घेरे को एक तरह से ‘नो-एक्टिविटी जोन’ घोषित कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के राजनीतिक प्रचार, शोर-शराबे और इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। प्रचार सामग्री और शोर पर पूर्ण प्रतिबंध: किसी भी उम्मीदवार या समर्थक को पोलिंग बूथों के पास या सार्वजनिक/निजी स्थानों पर प्रचार करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, शोर-शराबा या हुल्लड़बाजी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। प्रचार से संबंधित पोस्टर और बैनर भी क्षेत्र में नहीं लगाए जा सकेंगे फोन और लाउड स्पीकर प्रतिबंधित: मतदाताओं या आम जनता द्वारा मतदान केंद्रों के 200 मीटर के अंदर सेलुलर फोन, कॉर्डलेस फोन, वायरलेस सेट, लाउड स्पीकर और मेगाफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि, चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, ऑब्जर्वर, सुरक्षाकर्मी और अन्य संबंधित सरकारी कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। पोलिंग टेंट और बूथ पर रोक: किसी भी राजनीतिक दल या चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को पोलिंग बूथ के 200 मीटर के घेरे के भीतर अपना निजी पोलिंग बूथ या टेंट लगाने की अनुमति नहीं होगी। निजी वाहनों पर नियंत्रण: केवल राज्य चुनाव आयोग, जिला चुनाव अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी द्वारा अधिकृत व्यक्तियों को ही पोलिंग बूथ के 200 मीटर के घेरे के अंदर निजी वाहन ले जाने की अनुमति होगी। आम जनता के निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। SOP के तहत जारी किए गए आदेश अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि ये सख्त निर्देश राज्य चुनाव आयोग, पंजाब द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया यानी (SOP) के तहत जारी किए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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