जालंधर में बुधवार देर रात बस स्टैंड के समीप रोडवेज डिपो नंबर दो में रोडवेज कर्मचारियों और दो भाइयों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक के बड़े भाई ने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई और पुलिस ने मेडिकल सहायता दिलाने के बजाय उन्हें परेशान किया। कार खड़ी करने को लेकर बहस जानकारी के अनुसार घायल युवक के बड़े भाई अमित ने बताया कि उनका सबसे छोटा भाई इमीग्रेशन के काम से संबंधित कुछ दस्तावेजों के लिए डिपो नंबर दो की वर्कशॉप के बाहर आया था। उसने डिपो के गेट के बाहर अपनी कार खड़ी की, जिस पर रोडवेज कर्मचारियों से उसकी बहस हो गई। हाथापाई कर कैबिन में किया बंद अमित के अनुसार, बहस के दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने उसके छोटे भाई के साथ हाथापाई की और उसे एक केबिन के अंदर बंद कर दिया। छोटे भाई ने खुद को केबिन में बंद देखकर अपने दूसरे भाई अंकित को बुलाया।अंकित मौके पर पहुंचा और उसने केबिन का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जो जोर लगाने पर टूट गया। पुलिस की मौजूदगी में मारपीट जब वह अपने छोटे भाई को लेकर बाहर जाने लगा, तो 20 से 25 रोडवेज कर्मचारियों ने कथित तौर पर अंकित को दोबारा घसीटकर डिपो के अंदर ले गए। अमित का आरोप है कि वहां पुलिस की मौजूदगी में उसके भाई के साथ मारपीट की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बचाने के बजाय थाने ले जाकर हिरासत में बैठा लिया और मेडिकल इलाज नहीं कराया। युवक को भीड़ से बचाकर थाने लाए- इंचार्ज वहीं, बस स्टैंड चौकी के इंचार्ज मोहिंदर सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने झगड़े के दौरान युवक को भीड़ से बचाया था और उसे थाने लाई थी। इंचार्ज के अनुसार, युवक को हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि उसके बयान दर्ज किए गए थे। बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


