शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल शहरी मार्केट में गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग एवं बाल अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह रोकथाम लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित हुआ। कार्यक्रम सहायक निदेशक लक्ष्मणसिंह राजपुरोहित एवं राजीव कुमार सुथार के दिशानिर्देशन में आयोजित किया गया। विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस 100 दिवसीय अभियान का उद्देश्य जिले, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त करना है। कार्यक्रम में पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक तरुणा दवे ने बालिकाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए लाडो प्रोत्साहन योजना एवं कालीबाई भील उड़ान योजना के बारे में विस्तार से बताया। बिना झिझक करें संपर्क केंद्र प्रबंधक तरुणा दवे ने कहा- पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की कार्यप्रणाली बताते हुए कहा कि यह केंद्र महिला अधिकारिता विभाग के अधीन संचालित है, जिसका उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं परामर्श प्रदान करना है। किसी भी महिला या बालिका को बिना झिझक अपनी समस्या के समाधान लिए संपर्क करना चाहिए। बाल-विवाह के नुकसान बताए परामर्शदाता जया खत्री ने बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप है, जो बालिकाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और शिक्षा एवं विकास के अवसरों को सीमित कर देता है। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 की जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है। कार्यक्रम में आईटी वर्कर विशाल दवे, विद्यालय की प्राचार्य हेमलता माथुर, वरिष्ठ अध्यापक महेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह, अंबिका प्रसाद तिवारी, दमयंती वैष्णव, राधा चौधरी सहित समस्त स्टाफ एवं लगभग 85 बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।


