जालोर जिले में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूरजघर मुफ्त बिजली योजना और राज्य सरकार की 150 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है। जालोर में बड़ी संख्या में परिवार इस योजना से जुड़कर अपनी बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर लाभ भी ले रहे हैं। जालोर में 1345 घरों पर सोलर, 5.17 मेगावाट क्षमता स्थापित। सोलर योजना से घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ
जोधपुर डिस्कॉम जालोर के अधीक्षण इंजीनियर निमेन्द्रराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सूरजघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर संयंत्र पर सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रूपए तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना से उपभोक्ता अपने घर की बिजली जरूरत पूरी कर रहे हैं। ग्रिड में बिजली भेजकर अतिरिक्त आय का अवसर
सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा बिजली ग्रिड में भेज सकते हैं। इससे उन्हें बिजली बिल में बचत के साथ आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक उपभोक्ता pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता से बिल हुआ न्यूनतम
राज्य सरकार की ओर से प्रति सोलर संयंत्र 17 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। इस सहयोग से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बिजली बिल शून्य या बहुत कम हो गया है। ग्रामीण इलाकों में यह योजना किसानों, मजदूरों और सामान्य परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जालोर में 5.17 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगे
जिले में अब तक 1345 घरेलू उपभोक्ताओं ने कुल 5.17 मेगावाट क्षमता के रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाए हैं। इसके तहत करीब 8.46 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि जारी की जा चुकी है। किलोवाट के हिसाब से तय है अनुदान राशि
जानकारी के अनुसार 1 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र पर 33 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78 हजार रुपये का केंद्रीय अनुदान दिया जा रहा है। इसके साथ राज्य सरकार की 17 हजार रुपये की सहायता जोड़ने पर कुल सहायता 1 किलोवाट पर 50 हजार, 2 किलोवाट पर 77 हजार और 3 किलोवाट या उससे अधिक पर 95 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।


