भास्कर न्यूज | अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने वर्तमान केंद्र सरकार और भाजपा पर पंजाब और सिखों के प्रति भेदभाव व नफरत की राजनीति करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार तक को सम्मानजनक ढंग से करने के लिए जगह नहीं दी, वह आज कांग्रेस को सिखों का सम्मान करना सिखाने की कोशिश कर रही है। यह न सिर्फ डॉ. मनमोहन सिंह, बल्कि पूरे सिख समाज और पंजाब का अपमान है। औजला ने बुधवार को अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी पर गद्दारी के आरोप लगा रही है, जबकि असली गद्दारी तो भाजपा नेतृत्व ने की। औजला ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह जैसी महान शख्सियत को सम्मानजनक अंतिम संस्कार तक नहीं मिल पाया, जो बेहद शर्मनाक है। औजला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी दो बार पंजाब आए, लेकिन दोनों बार प्रदेश को खाली हाथ लौटना पड़ा। पंजाब की परंपरा है कि मेहमान खाली हाथ नहीं आता, लेकिन प्रधानमंत्री पंजाब के लिए एक भी बड़ी परियोजना की घोषणा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि डेरा बल्लां में प्रधानमंत्री चाहें तो यूनिवर्सिटी या कॉलेज की घोषणा कर सकते थे, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा का लाभ मिलता, लेकिन पंजाब को फिर निराशा ही हाथ लगी। बिट्टू के बयान को लेकर औजला ने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें भावनात्मक रूप से गद्दार दोस्त कहा था, जिसे भाजपा जानबूझकर राजनीतिक मुद्दा बना रही है। उन्होंने याद दिलाया कि बिट्टू खुद कई बार कह चुके हैं कि उनकी पगड़ी और राजनीतिक पहचान राहुल गांधी की देन है। कांग्रेस ने उनके परिवार को हर स्तर पर सम्मान दिया-दादा मुख्यमंत्री बने, ताया मंत्री रहे, बुआ को भी पूरा मान मिला और बिट्टू को तीन बार लोकसभा टिकट दिया गया। परिवार जैसा रिश्ता छोड़ने पर नाराजगी स्वाभाविक है। देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए औजला ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते भारत को विदेशी कंपनियों की मंडी बनाया जा रहा है। चीन की घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों पर राहुल गांधी सवाल उठाते हैं, लेकिन उन्हें संसद में बोलने तक नहीं दिया जाता। यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। अमेरिका के साथ हुई डील पर सवाल उठाते हुए औजला ने कहा कि अगर यह समझौता देशहित में होता तो प्रधानमंत्री खुद सामने आकर इसकी पूरी जानकारी देते। सांसद औजला ने पंजाब सरकार की मेडिकल बीमा योजना पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस योजना को सही ढंग से लागू करने के लिए करीब 7 लाख करोड़ रुपए की जरूरत है, जबकि पंजाब के पास इतना बजट नहीं है। यह सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है।


