जिन वाहनों के कागज अधूरे उन पर कोई कार्रवाई नहीं की, ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी चुनाव में व्यस्त

भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर में बिना फिटनेस व इंश्योरेंस के शहर में दौड़ रही स्कूल बसों पर ट्रांसपोर्ट विभाग, चाइल्ड राइट कमिशन, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग द्वारा कार्रवाई करने की जिम्मेदारी बनती है, लेकिन किसी भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा 25 से अधिक स्कूल बसों के चालान किए। उस चालान में सिर्फ सीट बेल्ट व वर्दी को लेकर ही चालान हुए। जबकि बिना फिटनेस व इंश्योरेंस वाले वाहनों का कोई चालान नहीं हुआ। रोजाना की तरह आज बिना कागज वाले वाहन सड़कों पर चलते रहे। वहीं ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी आरटीओ व एटीओ चुनावों व ऑफिस के कार्यों में ही व्यस्त रहे। अब इस पर सवाल ये उठता है कि बिना कागज वाली स्कूल बसे पिछले लंबे समय से स्कूलों में चल रही है, तो इन बनाई गई कमेटी द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की गई। या फिर कार्रवाई से पहले ही बस चालकों को सूचना मिल जाती है कि कार्रवाई होने वाली है। इसलिए वह स्कूल बसें स्कूल लेकर ही नहीं आते। एटीओ अभिषेक बांसल ने बताया कि आरटीओ कुलदीप बावा से बसों पर कार्रवाई करने संबंधी चर्चा हुई थी और उन्हें स्कूलों में जाकर बसों की चेकिंग करने के आदेश जारी कर दिए है। इन स्कूल बसों के कागज नहीं होंगे उनके चालान कर उन्हें बंद किया जाएगा। स्कूल बस ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान इंदरजीत सिंह रिक्की ने कहा कि शहर में बिना कागजों के दौड़ रहीं स्कूल बसों पर कार्रवाई होनी चाहिए और इन्हें पूर्ण तौर पर विभाग द्वारा बंद किया जाना चाहिए। संबंधित कमेटी सभी स्कूलों में स्कूल बसों की जांच करे और यूनियन उनका पूरा सहयोग करेगी। भास्कर न्यूज | लुधियाना सेफ स्कूल वाहन पालिसी बनवाने में अहम रोल अदा करने वाले कमलजीत सिंह सोई ने बताया कि बीसीएम स्कूल में हुए हादसे में जितना ड्राइवर जिम्मेदार है उतना ही स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल भी जिम्मेदार है। पैसे बचाने के चक्कर में स्कूली बसों में अटेंडेंट तक नहीं रखे गए। उन्होंने खुद जाकर स्कूल बस चेक की है जिसमें पता चला है कि बस में वह कोई नियम नहीं था जो पॉलिसी में बनाया गया है। कमलजीत सिंह सोई ने कहा कि स्कूल प्रिंसिपल को गिरफ्तार करवाया जाएगा। अमायरा के लिए इंसाफ की मांग की जा रही है जब तक अमायरा को इंसाफ नहीं मिलेगा वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगर पॉलिसी बनवाने में काम कर सकते हैं तो उसे इम्प्लीमेंट करवाने के साथ-साथ आगे की कार्रवाई के लिए भी लड़ाई लड़ेंगे चाहे उन्हें पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करना पड़े या फिर सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़े वह ज़रुर जाएंगे। वहीं अमायरा के अंतिम संस्कार के समय प्रिंसिपल को गिरफ्तार करने वाले पोस्टर भी लोगों ने पकड़े हुए थे।

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