भास्कर न्यूज| चाईबासा चाईबासा- सरायकेला मार्ग पर तमाड़बांध पंचायत के खप्परसाई के ग्रामीण वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। मुख्य सड़क से यह कच्ची सड़क सीधे जुड़ी हुई है। शहरी इलाका से सटा यह क्षेत्र आजादी के 77 वर्षों बाद भी विकास से कोसों दूर है। इस क्षेत्र के निवासियों की मुख्य मांगों में कच्ची सड़क को पक्की बनाने व जल निकासी के लिए पक्की नाली के निर्माण के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट लगाना शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में ग्रामसभा के माध्यम से प्रस्ताव पास कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी क्षेत्र की समस्या से संबंधित जानकारी दी गई थी। उनके द्वारा कहा गया था कि डीएमएफटी फंड से करवा दिया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने आज तक लोगों की समस्या पर संज्ञान लेना तो छोड़िए देखने तक आना मुनासिब नहीं समझा। आज तक सिर्फ कोरा आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। चाईबासा-सरायकेला मुख्य मार्ग से गांव तक करीब 1500 फीट कच्ची सड़क का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों ने आपस में चंदा कर कराया था। गांव में 50 घर के आसपास हैं। गांव में पक्के मकान बने हुए हैं। किंतु मूलभूत सुविधा के नाम पर शून्य है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बारिश के समय हो जाती है। गड्ढों में पानी के जमने व कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर बच्चों व महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। पानी निकास की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जलजमाव की स्थिति का सामना करना पड़ता है। रात्रि के समय स्ट्रीट लाइट नहीं रहने के कारण पूरा रास्ता अंधकारमय रहता है। असामाजिक तत्व भी विचरण करते रहते हैं। बच्चियों को शाम के समय ट्यूशन व बाजार से लौटते समय काफी डर रहता है। सड़क के दोनों किनारों पर घनी झाड़ियों, घास-फूस, अवांछित पौधों के कारण सांप-बिच्छू व कीड़े-मकोड़े का सामना करना पड़ता है। सड़क, नाली व स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं रहने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय महिलाएं, बच्चे, दोपहिया गाड़ी व पैदल चलने वाले लोग गिर कर चोटिल हो जाते हैं।


