सिटी एंकर झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) का बोकारो क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद है। लेकिन बोकारो औद्योगिक क्षेत्र के पास भूमि की कमी एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। इससे नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों का विस्तार मुश्किल नजर आ रहा है। बोकारो क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण नहीं होने के कारण भूमि की उपलब्धता कम हो गई है। इस समस्या के समाधान के लिए जियाडा ने बोकारो, गिरिडीह व धनबाद डीसी को भूमि उपलब्ध कराने के लिए कई बार पत्र लिखा है। कई बार भूमि भी चिह्नित किया गया है, लेकिन अब तक जियाडा को जमीन नहीं मिली है। इसके कारण निवेश रोजगार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। बोकारो में भी निवेशक हैं, लेकिन जियाडा बोकारो क्षेत्र के पास उन्हें आवंटित करने के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है। अब पीसीसी की बैठक कर रहे एमडी जियाडा बोकारो क्षेत्र में बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में 1,470.59 एकड़ में फैले औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनमें से सबसे ज्यादा औद्योगिक भूखंड लगभग 1,234.45 एकड़ बोकारो के बालीडीह में हैं। कांड्रा औद्योगिक क्षेत्र (धनबाद) में 134.58 एकड़, सिंदरी औद्योगिक क्षेत्र में 55 एकड़ और गिरिडीह औद्योगिक क्षेत्र में 46.56 एकड़ जमीन शामिल है। जियाडा, बोकारो क्षेत्र तीनों जिलों में भूमि की कमी से जूझ रहा है, जहां 745 एमएसएमई और उद्योग मौजूद हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 555 औद्योगिक इकाइयां बोकारो जिले में हैं। वर्तमान में जियाडा, बोकारो क्षेत्र के पास लगभग 6 एकड़ जमीन बची है, जिसमें बाघमारा में 3 एकड़ और जमुआ में तीन एकड़ भूमि है। दोनों भूखंड राइस मिल के लिए ही है। इसका आवंटन दूसरे उद्योगों के लिए नहीं किया जा सकता है। एक साल से पीसीसी की बैठक नहीं पिछले साल से प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी (पीसीसी) की बैठक नहीं हो रही है। इसका बड़ा कारण भूमि उपलब्ध नहीं होना है। जानकारी के मुताबिक पिछली पीसीसी की बैठक तत्कालीन रीजनल डायरेक्टर विजया जाधव की अध्यक्षता में हुई थी, इसके बाद आज तक बैठक नहीं हुई है। इधर, जियाडा के एमडी बरूण रंजन ने कहा अभी आदेश दिया है कि प्रत्येक माह के तीसरे शुक्रवार को पीसीसी की बैठक होगी। बोकारो का बियाडा भवन। मात्र 6 एकड़ जमीन बची है जियाडा के पास


