जिलास्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में कलेक्टर के निर्देश:शहर की सभी डेयरियों में फैट चेकिंग मशीन लगाना जरूरी

शुद्ध के लिए युद्ध और मिलावट से मुक्ति के नारों के बीच अब जिला प्रशासन मिलावट के खिलाफ और सख्ती से अभियान चलाएगा। शुक्रवार को जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि मिलावट को लेकर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। कलेक्टर आशीष सिंह ने मीटिंग में हिदायत दी कि मानव जीवन के लिए असुरक्षित तथा अमानक खाद्य पदार्थों का निर्माण और विक्रय करने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। इंदौर में दूध बेचने वाली सभी डेयरियों में दूध की गुणवत्ता (फैट) चेक करने की मशीनें लगाना अनिवार्य किया है। इस संबंध में अधिकांश डेयरियों में फैट मशीनें लग चुकी हैं। जहां मशीन नहीं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कैलेंडर बनाकर सैंपल लेने की कार्रवाई होगी बैठक में कई मुद्दे सामने आए। कलेक्टर ने कहा कि अभियान समग्र रूप से हो, इसके लिए कैलेंडर बनाकर सैंपल लेने की कार्रवाई होगी। सभी तरह के खाद्य पदार्थ जांच के दायरे में लिए जाएंगे। जिले में 2024 में 127 केस बनाए गए। 188 केस में निर्णय हुआ। सभी में दोषसिद्ध पाई गई। 1 करोड़ 74 लाख 90 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। इस अवधि में 2.34 करोड़ रुपए का राजस्व लाइसेंस और पंजीयन से मिला। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। बैठक में अपर कलेक्टर गौरव बैनल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और समिति सदस्य मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *