जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की पहल:328 प्रकरणों का हुआ निस्तारण, 2024 की अंतिम लोक अदालत में भी झुंझुनूं रहा प्रदेश में प्रथम

वर्ष 2024 की अंतिम लोक अदालत में भी जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग झुंझुनूं प्रदेशभर में प्रथम रहा। इससे पहले भी आयोजित लोक अदालत में भी झुंझुनूं जिला आयोग प्रथम रहा था। जिला मुख्यालय पर रविवार को उपभोक्ता आयोग में जिला एवं सेशन न्यायाधीश दीपा गुर्जर और जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील की बैंच ने 328 प्रकरणों का निस्तारण किया। लोक अदालत के अवार्ड जारी किए, जो कि प्रदेश भर में सर्वाधिक रहे। लोक अदालत में विद्युत विभाग (एवीवीएनएल), बीमा कंपनी, बैंक, गैस एजेंसी, जलदाय विभाग, परिवहन विभाग, टोल टैक्स, कोचिंग सेंटर्स आदि के प्रकरण बैंच के समक्ष रखे गए, जहां दोनों पक्षों से समझाइश कर लोक अदालत की भावना से मामलों का निस्तारण किया गया। ‌ न्याय टेबल पर एवीवीएनएल के संभागीय मुख्य अभियंता लक्ष्मण सिंह के मार्गदर्शन एवं अधीक्षण अभियंता महेश कुमार टीबड़ा के सुपरविजन में अधिशाषी अभियंता सुरेन्द्र धनखड़, पीके मीणा, विधि अधिकारी डॉ. प्रज्ञा कुल्हार, सहायक अभियंता अनिल कालेर, महेश सैनी, प्रदीप जांगिड़, कनिष्ठ अभियंता अमित वर्मा, निगम कर्मचारी सत्यवीर, इकबाल अली, सुमित्रा यादव, राजेश जांगिड़, विक्रम यादव, योगेश कुमार के विशेष रूप से सकारात्मक सद्प्रयास कर बड़ी संख्या में लोक अदालत की भावना से प्रकरणों का निस्तारण करवाया गया। न्याय टेबल के सुखद परिणाम जिला आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि न्याय टेबल के नवाचार के सुखद परिणाम लोक अदालत में देखने को मिले, जिस वजह से इतनी बड़ी संख्या में प्रकरणों का निस्तारण हुआ। सीकर जिला आयोग में भी न्याय टेबल के जरिए 57 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

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