झालावाड़ में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केन्द्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय कोटा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मल्टी मीडिया प्रदर्शनी “विकसित भारत: अन्नदाता का मान श्रम शक्ति का सम्मान” के दूसरे दिन जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने शुक्रवार को मिनी सचिवालय के सभागार में चल रही इस प्रदर्शनी को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। जिला कलेक्टर राठौड़ ने कहा कि सिविल सर्विस या स्टेट सर्विस की परीक्षाओं में कम से कम 15 से 20 प्रतिशत प्रश्न इस प्रदर्शनी की विषय वस्तु में से आने की संभावना है। उन्होंने जोर दिया कि इतनी सारी महत्वपूर्ण जानकारी इस प्रदर्शनी में समाहित है, जो युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करने का स्थान है। उन्होंने केन्द्रीय संचार ब्यूरो के अधिकारियों का धन्यवाद किया कि उन्होंने झालावाड़ में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया। कलक्टर ने कहा कि यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं और आमजन को देश की प्रगति की दिशा के बारे में जानकारी दे रही है और देश की दशा व दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कलेक्टर ने प्रदर्शनी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य लोगों को जागरूक करना और उनके ज्ञान में वृद्धि करना है। उन्होंने सभी लोगों से प्रदर्शनी का फायदा उठाने और अपने ज्ञान को बढ़ाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की उपयोगिता और महत्व पर भी बात की, और कहा कि इसके इतिहास की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति को होनी चाहिए। इस अवसर पर कृषि विभाग के सहायक निदेशक राम कुमार वर्मा ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा लगभग 40 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का फायदा सीधे किसानों को दिया जा रहा है, जिसके लिए जमीन का मालिक होना एक आवश्यक पात्रता है।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नेत्र सहायक प्रीतम शर्मा ने राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही निशुल्क जांच योजना, निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व प्रदर्शनी के उद्देश्यों के बारे में जानकारी देते हुए विभाग के सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा ने बताया कि प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाते हुए विभिन्न जोन बनाए गए हैं।


