जिला कारागृह की जल्द ही सूरत बदलेगी। यहां जेल में 16 नए आवास के अलावा भीतरी परिसर में बंदियों के लिए दो नए बैरक बनेंगे। इसके अलावा निगरानी में मदरद के लिए पीछे के हिस्से में 25-25 फीट ऊंचे दो वॉच टावर बनाए जाएंगे। इनके लिए करीब चार करोड़ रुपए की मंजूरी मिल गई है। सब कुछ सही रहा तो यहां चंद दिनों में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था के साथ बंदियों के रहने सहित अन्य सहुलियतों में भी इजाफा होगा। अभी भरे हुए हैं सभी नौ आवास यहां खुली जेल में पूर्व में बने नौ आवासों में एक महिला बंदी सहित नौ बंदी रह रहे हैं। यहां ऐसे और आवास की जरूरत और जेल परिसर में गुंजाइश के मद्देनजर पिछले साल ओपन कैंप के 16 आवास के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे गए। इस पर एक करोड़ 46 लाख रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी हुई है। भीतर दो बैरक, कोनों में होंगे वॉच टावर जिला कारागृह में अभी तीन परिसरों में पुरुषों के आठ, जबकि महिला बंदियों के लिए एक अलग बैरक है। यहां काफी गुंजाइश होने और बंदी ज्यादा होने पर आगे दिक्कत नहीं आए, इसलिए दो नए बैरक के लिए प्रस्ताव भेजा गया। इस पर 80 बंदी क्षमता के दो मंजिला बैरक के लिए 2.63 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ है। इसके साथ जेल के पीछे का सूना क्षेत्र होने से दोनों कोनों पर 30.70 लाख रुपए की लागत से 25-25 फीट के दो वॉच टावर बनवाने के लिए स्वीकृति आई है। इससे निकट भविष्य में जेल के भीतर और बाहर के क्षेत्र में जवानों की निगाह और कड़ी रह सकेगी। इनका कहना है जेल और बैरक के लिए बजट आया है। यहां दो वॉच टावर बनाना प्रस्तावित है। । जल्द ही इनके लिए टेंडर किए जाएंगे। खुली सुरेश मीना, उप अधीक्षक जिला कारागृह बांसवाड़ा


