जिला प्रशासन ने की नगरीय विकास के कार्यों की समीक्षा:डीएम बोले स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटल लेनदेन के लिए किया जाए सक्रिय

आजमगढ़ डीएम रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता आज कलेक्ट्रेट सभागार मे जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत द्वितीय लोन की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि नगर पंचायत मार्टिनगंज, जहानागंज एवं नगर पालिका बिलरियागंज की अगले माह तक कम से कम 80 प्रतिशत तथा नगर पालिका मुबारकपुर को लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत लोन के द्वितीय किस्त के वितरण की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि यदि एक माह के अंदर लक्ष्य के सापेक्ष कार्य नहीं पूर्ण हुआ, तो संबंधित अधिशासी अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्यवाही की जाएगी। डीएम ने कहा स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटली लेनदेन के लिए सक्रिय किया जाए। उन्होंने नगर पालिका बिलरियागंज, मुबारकपुर, नगर पंचायत जहानागंज, मार्टिनगंज एवं बुढनपुर के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिया अगले माह तक कम से कम 80 प्रतिशत लेन देन डिजिटल माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। अधिक से अधिक लोगों को जोड़े जाने का निर्देश स्वनिधि से समृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कटघर लालगंज को निर्देश दिया कि योजना अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना(शहरी) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लाभार्थियों को आवास की पूरी धनराशि वितरित की जा चुकी है, उसको तत्काल पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी धनराशि पाने के बाद भी यदि कोई लाभार्थी निर्धारित समय से आवास को पूर्ण करने में लापरवाही करता है तो वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कड़ी ठंड के दृष्टिगत रात्रि के कोई भी व्यक्ति बाहर मिलता है तो उसे रैन बसेरे में शरण दें तथा सुरक्षा का भी विशेष ध्यान दें। गौशाला कि समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश को ठंड से बचाव हेतु गौशाला को चारों तरफ से तिरपाल से ढक दें। केयरटेकर 24 घंटे तैनात रहे। उन्होंने कहा कि जो गोवंश बाहर से ले जाते हैं, उनका तत्काल ईयर टैगिंग कराये। उन्होंने कहा कि गौशाला में नर, मादा, बच्चों एवं बीमार गोवंश को अलग-अलग रखा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी जानवर की मृत्यु होती है तो उसका प्रॉपर तरीके से निस्तारण कराये, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *