दरोगा ने फर्जी फंसाने को धमकाकर मांगे रुपये:बोला- पैसे दिए रहोगे तो साहब से कहकर उल्टा सीधा कर देंगे, वरना ऐसा ना हो कि गड़बड़ हो जाए

प्रयागराज में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि फायरिंग की एक घटना में युवक को फर्जी तरीके से फंसाने की धमकी देकर दरोगा ने पैसे मांगे। रुपए न देने पर केस में नाम डलवाने की धमकी दी। शिकायत मिलने पर अफसरों ने प्रारंभिक जांच कराई और आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए जाने पर दरोगा को निलंबित कर दिया है। फोन कॉल ने खोली दरोगा की पोल आरोपी दरोगा की पहचान विशाल चक्रवर्ती मौर्य के रूप में हुई है, जो वर्तमान में खीरी थाना क्षेत्र में तैनात था। इस मामले में पीड़ित युवक ने दरोगा द्वारा फोन पर की गई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। बातचीत में दरोगा युवक को यह कहकर डराता सुनाई दे रहा है कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसे फायरिंग के मामले में नामजद कर जेल भेज दिया जाएगा। युवक ने यह ऑडियो रिकॉर्डिंग उच्च अधिकारियों को भेज दी। प्राथमिक जांच में आरोप सही ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी कौंधियारा से प्रारंभिक जांच कराई। जांच के दौरान आरोपी दरोगा और शिकायतकर्ता दोनों से पूछताछ की गई। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। पूछताछ के दौरान दरोगा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के साथ ही आरोपी दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। फोन पर क्या बातचीत हुई, खुद पढ़िए… दरोगा: दरोगा जी बोल रहा हूं, क्या हुआ युवक: सर आज आ जा रहे हैं, सर चले आए थे इलाहाबाद, पैसा मिला नहीं था सर, यहीं इलाहाबाद में पार्किंग में ड्यूटी मिली थी एक 10 हजार की, वही पकड़ लिए हैं शाम को दरोगा: अच्छा युवक: तो दे देंगे सर दरोगा: कब तक काम होगा भाई ये युवक: कोशिश है कि आज ही शाम को आएंगे तो हम दे देंगे वरना कहीं से जुगाड़ करके हम ऑनलाइन आपको डालेंगे सर दरोगा: काम करवाओ, सुनो, हल्के में ना लो, बात समझो, देखो चांद खमरिया वहां मौली पर फायरिंग हुई है, ठीक है, 3 फायरिंग हुई है जिसमें एक खड़ा कारतूस भी मिला हुआ है… तो ऐसा ना हो तुम लोग संदिग्ध में पकड़े जाओ, फिर बाद में नाम आ जाए, समझ रहे हो युवक: तो उसमें सर हमारा क्यों नाम आएगा सर दरोगा: बात नहीं समझ रहे हो, बात नहीं समझ रहे हो, यह मामला गंभीर हो रहा है ना, उसमें 100% मुकदमा लिखाना तय है, लोग खोजे जा रहे हैं, जान रहे हो कुछ लोग करछना के हैं, तो इधर साहब पूछ रहे हैं कौन आस-पास में कौन सड़क-फड़क पर दौड़ रहा है, नाम न डलवा दो उसमें, समझ रहे हो… ऐसा ना हो कि तुम लोगों का नाम आ जाए, देखो सीसीटीवी कैमरा चेक हो रहा चारों तरफ, समझ रहे हो कि नहीं, तो इसमें ऐसा ना हो कि कोई चीज गड़बड़ हो जाए युवक: नहीं सर, हम दे देंगे, भागेंगे थोड़ी दरोगा: भागने की बात नहीं है, देखो बात यह है कि पैसा दिए रहोगे तो हम भी थोड़ा यह रहेगा कि साहब से कह के, अपना उल्टा सीधा कर देंगे ना उसमें… कि… साहब वो सब कोई बात नहीं है… वो सब अपना टहल घूम रहे थे… यह सब चीजें होती हैं… चीजों को मैनेज किया जाता है, बढ़ाया नहीं जाता ना युवक: ठीक है हम कोशिश कर रहे हैं, आज शाम को दे देंगे दरोगा: हां, हर हाल में उसको देखो भैया, ऐसा जान लो, ठीक है, ठीक है, शाम तक बताओ हमको युवक: ठीक सर ठीक

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