पढ़ाई से वंचित रहे अनपढ़ माता-पिता को बचपन से ही पढ़ाई का महत्व पता था , इसीलिए उन्होंने जीवन के हर कदम पर अपने बेटे को पढ़ाई का महत्व बताया और आखिरकार बेटे ने ऐसी पढ़ाई की कि मप्र लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में डीएसपी के पद पर चयनित हुए। यहां बात हो रही है बैतूल में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर पदस्थ शुभम् मेश्राम की। उन्होंने केवल 26 साल की आयु में डीएसपी के पद पर चयनित होते हुए अपने माता पिता का सपना साकार कर दिया। मूल रूप से सिवनी के रहने वाले शुभम मेश्राम के पिता 60 वर्षीय देवचंद मेश्राम और 53 वर्षीय सोनुला मेश्राम निरक्षर हैं। वे पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन उन्हें पढ़ाई का महत्व जीवन के हर कदम पर समझ आया। यही कारण था कि शुभम को बचपन से ही अधिक से अधिक पढ़ने की सीख उन्होंने दी। माता-पिता के हिस्से की पढ़ाई भी शुभम ने अपना अथक परिश्रम दिखाते हुए कर डाली। पहले वे परीक्षा पास करते हुए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर चयनित हुए। एक साल पहले मार्च 2024 से वे बैतूल में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में सेवाएं दे रहे हैं।
चयन होने के बावजूद लगातार आगे बढ़ने की उनकी महत्वाकांक्षा ही थी कि वे मप्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी करते रहे। वर्ष 2019 में चला आ रहा सपना वर्ष 2025 की शुरुआत में साकार हुआ और आखिरकार वे डीएसपी के पद पर चयनित हो गए। पिता की चूने की दुकान, केवल दीपावली के समय ही होता है कारोबार शुभम ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति हमारे बचपन से ही अच्छी नहीं रही थी। वे कुल पांच भाई बहन हैं। चार बहने और वे इकलौते भाई हैं। आजीविका के रूप में पिता चूने की दुकान लगाते हैं। ज्यादातर कारोबार दीपावली के समय ही होता था। उन्होंने पहले सिवनी से शिक्षा हासिल की। इसके बाद मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय भोपाल से गणित में बीएससी किया। इसके बाद लगातार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। वे डीएसपी के पद पर चयनित होने वाले 12 वी रेंक के परीक्षार्थी हैं। सभी श्रेणियों में उन्हें 12 वां स्थान मिला है।


