चिकित्सा विभाग एवं डब्ल्यूएचओ के संयुक्त तत्वाधान में बिशनगढ़ रोड पर निजी होटल में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने चिकित्सा संस्थानों में बेहतर प्रबंधन, स्वच्छता, दवाइयां, जांच एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता रखते हुए जिले के प्रत्येक चिकित्सा संस्थानों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत प्रमाणित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. रमाशंकर भारती ने जिले में बेहतर प्रबंधन एवं नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत पूर्व में प्रमाणित हुई चिकित्सा संस्थान के बारे में जानकारी दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक चरण सिंह ने बताया कि नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड कार्यक्रम के तहत चिकित्सा संस्थान साफ-सफाई व उपकरणों के रखरखाव का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं। उन्होंने क्वालिटी एश्योरेंस से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं से रूबरू करवाते हुए सभी चिकित्सा संस्थान को साफ-सुथरा रखने, स्वच्छ व बेहतर बनाने पर बल दिया। उन्होंने चैकलिस्ट के अनुसार काम करने के बारे में जानकारी दी। चिकित्सा संस्थान पर स्वच्छता, हाइजीन, वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण रोकथाम तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही एसेसमेंट की मॉनिटरिंग करने के लिए सेल्फ एसेसमेंट करने को कहा।
डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. पंकज सुथार ने वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज सर्विलेंस के बारे में जानकारी देते हुए टीकाकरण से रोकथाम की जाने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. अनीता चौहान ने नियमित टीकाकरण की महत्ता पर जोर देते हुए एमआर, डिप्थीरिया आदि टीकाकरण के बारे में जानकारी दी साथ ही उन्होंने टीकाकरण सत्रांक के आयोजन से पूर्व संबधित क्षेत्रों में प्रचार प्रसार, समुदाय में टीकाकरण के प्रति जागरूकता एवं टीकाकरण सत्र के पश्चात लाभार्थी के नियमित फॉलोअप के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार बाजिया, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भजनाराम विश्नोई, जिला अस्पताल उप नियंत्रक डॉ. कमलेश मीणा, समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिले के समस्त चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।


