भास्कर न्यूज | अमृतसर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते जिला प्रशासन अमृतसर और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसमें साफ-सफाई, पीने के पानी और भोजन की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. स्वर्णजीत धवन ने बताया कि बाढ़ के पानी से सीधा संपर्क खतरनाक साबित हो सकता है। इससे त्वचा संबंधी रोग जैसे खुजली, फोड़े-फुंसियां और एलर्जी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोग खाने से पहले साबुन और साफ पानी से हाथ अच्छी तरह धोएं। पीने का पानी उबालकर या क्लोरीन मिलाकर ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बाढ़ के पानी में आई खाद्य सामग्री का सेवन न करें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं। इसके अलावा घर और आसपास जमा पानी को तुरंत हटाना जरूरी है। सिविल सर्जन ने यह भी कहा है कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सुरक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। शौचालय का ही उपयोग करें और खुले में शौच से बचें। कचरे को सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना भी बेहद जरूरी है। डॉ. धवन ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, दस्त, उल्टी या त्वचा रोग जैसी कोई समस्या महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 89680-08060 भी जारी किया है, जिस पर किसी भी समय मदद ली जा सकती है। डॉ. धवन ने कहा कि लगातार बदलते मौसम और बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। इस अवसर पर जिला एपिडेमोलॉजिस्ट डॉ. हरजोत कौर, जिला एमईआईओ अमरदीप सिंह और स्वास्थ्य विभाग का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।


