भास्कर न्यूज | रामगढ़ जिले में बालू का अवैध कारोबार रुक नहीं रहा है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर छापेमारी और विशेष अभियानों के बावजूद बालू का अवैध उठाव धड़ल्ले से हो रहा है। कार्रवाई होने पर बालू तस्कर कुछ दिनों के लिए बालू का अवैध उठाव कम कर देते हैं। इसके बाद फिर से बालू तस्कर नए तरीके से सक्रिय हो जाते हैं। इसी क्रम में हाइवा से बालू का कारोबार फिर से आरंभ हो गया है। करीब 15 से अधिक हाइवा से बालू की ढुलाई हो रही है। एक हाइवा बालू की कीमत 27000 रुपए है। जिसमें 1000 सीएफटी बालू लोड होता है। ऐसे में प्रतिदिन करीब चार लाख रुपए के बालू की तस्करी हो रही है। ऐसे में महीने में 1.21 करोड़ से अधिक का कारोबार हो रहा है। पतरातू, भुरकुंडा, बरकाकाना, मांडू, कुजू, गोला आदि क्षेत्रों में दिन और रात दोनों समय धड़ल्ले से बालू लदा ट्रैक्टर सड़कों पर दौड़ते देखा जा सकता है। अंधेरे में हाइवा से बालू की तस्करी लगातार हो रही है। मौका देख दिन में भी बालू डिमांड स्थल पर गिरा रहे हैं। बताया जाता है कि ट्रैक्टर में 100 सीएफटी बालू लोड करते हैं। जिसकी कीमती शहर में 2500 से 3000 रुपए है। नदी के घाट ट्रैक्टर में बालू का अवैध उठाव करते लोग। यह बालू रामगढ़ शहर समेत पूरे जिले में पहुंच रहा है। बालू का कारोबार फलता-फूलता रहे इसके लिए एक टीम बालू तस्करी नेटवर्क को कंट्रोल करती है। इस कारोबार में जिम्मेवार लोग बाधा उत्पन्न ना करे ऐसे लोगों को मैनेज करते है। कारोबारियों और बालू तस्करों की सेटिंग बड़ी तगड़ी होती है। तभी तो तस्करों को पहले से सूचना मिल जाती है कि कब और कहां छापा पड़ेगा। खानापूर्ति और दिखावे के लिए कभी कभार ही प्रशासन द्वारा छापेमारी कर एक दो गाड़ियों को पकड़ा जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि प्रशासन गंभीरता दिखाए तो अवैध बालू का कारोबार पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इधर इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी निशांत अभिषेक ने कहा कि बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पतरातू, गोला, रामगढ़ सहित कई जगहों में छापेमारी कर कई गाड़ियां भी पकड़ी गई है। फिर कार्रवाई की जाएगी।


