बजरंगी महतो|गिरिडीह जिलेभर के 3147 सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए डेढ़ महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कई कक्षा के छात्रों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिली है। जिससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि कुछ स्कूलों में तो शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है। ऐसे में 22 मई से शुरू होने वाली गर्मी की छुट्टियों से पहले सिलेबस पूरा करना लगभग असंभव है। जिले के सरकारी स्कूलों में कुल 39,55,65 बच्चे नामांकित हैं।जिसमें अब तक सिर्फ 1,84,306 बच्चों को ही किताबें मिल पाई है। हालांकि जेईपीसी रांची की ओर से 222613 बुक सेट भेजा गया है। लेकिन 38306 बुक सेट जिले के विभिन्न बीआरसी में पड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक बीआरसी से किताबों का सेट स्कूल के सचिव को ले जाकर बच्चों के बीच वितरण करना है। लेकिन कोई किराया नहीं मिलने के कारण स्कूल के शिक्षक सह सचिव पुस्तकों को ले जाने में आनाकानी करते हैं। लिहाजा पुस्तकों का सेट बीआरसी में पड़ा है। जिसका सीधा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। कुछ स्कूलों ने पुरानी किताबों को इकट्ठा कर ‘बुक बैंक” की व्यवस्था की गई है, लेकिन इससे भी केवल कुछ बच्चों की जरूरतें ही पूरी हो पा रही हैं। कई छात्र-छात्राएं अब भी बिना किताब के ही स्कूल आ-जा रहे हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षक और प्रधानाध्यापक मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं, जैसे कि पिछले वर्षों की किताबों का पुन: वितरण, लेकिन यह केवल एक अस्थायी समाधान है। आठवीं कक्षा के छात्रों से बातचीत में यह सामने आया कि कुछ को सभी विषयों की किताबें मिल गई हैं, जबकि अन्य को केवल आंशिक या पुरानी किताबें दी गई हैं। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार : अभिभावक अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चों का नामांकन और क्लास की शुरुआत समय पर हो चुकी है, तो फिर किताबों का वितरण क्यों नहीं हो रहा? यह स्थिति सरकारी शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। यह छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। स्कूलों की लापरवाही से नहीं हो रहा है किताबों का वितरण : एडीपीओ एडीपीओ प्रकाश कुमार ने कहा कि अब तक जेईपीसी से उपलब्ध बुक सेट कक्षा 1,2,3,4,6,8,9,10 की किताबें सभी स्कूलों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। कक्षावार जितनी बुक जेईपीसी से जिला को उपलब्ध कराई गई थी, सभी वितरण के लिए स्कूलों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक को सख्त निर्देश है कि गर्मी छुट्टी के पहले किताब वितरण कराते हुए विभाग को रिपोर्ट सौंपें। कोताही बरतने वाले के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जायेगी। कक्षा पांच, सात, 11 वीं और 12 वीं का बुक रांची से ही नहीं मिली है और जिन कक्षाओं की किताबें आधी अधूरी मिली है, उन्हें जेईपीसी से बुक उपलब्ध होने पर जल्द ही वितरण कर दी जाएगी। सभी स्कूली बच्चों को बैग दिया जा चुका है।


