रांची यूनिवर्सिटी के सिमडेगा कॉलेज सिमडेगा के बैंक एकाउंट-ए से हेराफेरी कर 31.65 लाख रुपए राशि निकाले जाने का मामले में नित्य नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जिन फर्जी चेकों के माध्यम से राशि की निकासी की गई है, उसमें सिक्योरिटी फीचर भी नहीं था। रांची यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने फर्जी चेकों को देखा है, जिससे निकासी की गई है। विवि अधिकारियों का कहना है कि चेक का यूवी (पराबैगनी) टेस्ट किया जाता को मामला पकड़ में आ जाता। सोमवार को वीसी डॉ. अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में विवि अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें सिमडेगा कॉलेज के एकाउंट-ए से फर्जी तरीके से राशि निकाले जाने के मामले पर चर्चा हुई। इसमें सहमति बनी कि दो-तीन दिनों में बैंक द्वारा कॉलेज को राशि वापस नहीं की गई तो संबंधित बैंक पर प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। इस बैठक में शामिल अधिवक्ता ने राशि निकाले जाने के संबंधित डिटेल्स कॉलेज प्रबंधन से मांगी है, ताकि प्राथमिकी की जा सके। सिमडेगा कॉलेज एकाउंट ए से 17 फर्जी चेकों के माध्यम से राशि की निकासी की गई है। तीन बड़े सवाल जिन चेकों से निकासी की गई है, उसपर रिटायर्ड प्रिंसिपल बीरबल नाग और वर्सर (खजांची) राम कॉलेज के एकाउंट-ए से सिर्फ संबंधित कॉलेज के एकाउंट-सी में रुपए स्थानांतरित किए जा सकते हैं (वर्ष 2011 में सिंडिकेट का


