^लावा में गत दिनों खुले कुएं में हुए हादसे को लेकर मालपुरा तहसीलदार को प्रकरण की रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद विधि सम्मत कार्रवाई करेंगे। रामरतन सौंकरिया, एडीएम, टोंक भास्कर संवाददाता| टोंक डिग्गी-सोहेला स्टेट हाईवे पर लावा गांव के बीच में सड़क किनारे बने बिना ढंके हुए कुएं में गिरने से युवक की मौत के बाद खुले कुएं को जाल लगाकर बंद करा दिया गया है। हालांकि यह भी इत्तेफाक ही रहा कि हादसे से 4 दिन पहले ही ग्राम पंचायत ने इस सहित 15 कुओं को बंद कराने के लिए ठेकेदार को आर्डर दिया था। सामग्री जुटाने में समय लग गया और कुआं ढंका नहीं जा सका और यह हादसा हो गया। प्रकरण में प्रारम्भिक तौर पर ग्राम पंचायत प्रशासन की गलती मानी गई है और प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी मालपुरा तहसीलदार (चार्ज) को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले माह 30 जनवरी को लावा में जा रहे युवक खुशीराम की बाइक गोवंश को बचाने के चक्कर में कुएं से टक्करा गई थी। कुएं पर किसी भी प्रकार का जाल नहीं लगा होने के कारण बाइक सवार खुशीराम कुंए के अंदर गिर गया और पानी-दलदल में फंसने एवं डूबने से उसकी मौत हो गई थी। मालपुरा तहसीलदार राहुल पारीक ने बताया कि वे जल्द ही लावा जाकर मौका देखेंगे और ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव के बयान लेंगे। सभी पक्षों से बात करने के बाद कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपेगें। सोमवार को विभिन्न बिन्दुओं पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग करने के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौंकरिया ने इस प्रकरण पर भी जानकारी मांगी और प्रकरण की रिपोर्ट जल्दी देने के निर्देश दिए हैं। ढंकने में ही सवा लाख लग गए सूत्रों के मुताबिक खुले बोरवेल और खुले कुओं को बंद कराने का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है, लेकिन उनके अधिकार कम कर दिए गए। लावा ग्राम पंचायत ने क्षेत्र के 15 कुओं को ढंकने के लिए 11 जनवरी को प्रशासनिक स्वीकृति जारी की थी। इसके लिए उन्होंने 15 लाख रुपए की राशि मांगी थी। बताया जाता है कि अधिकारियों ने उस पर आपत्ति जताते हुए मात्र 3.40 लाख रुपए की तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति ही जारी की। इसमें से करीब सवा लाख रुपया तो लावा के हादसे वाले कुएं को ढंकने में ही खर्च हो गए।


