भोपाल रीजन का बाबई-मोहासा इंडस्ट्रियल पार्क देश का सबसे बड़ा सोलर एनर्जी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनेगा। यहां अब तक 25 हजार करोड़ के निवेश पर मंजूरी मिल चुकी है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान सोलर सेक्टर में 50 हजार करोड़ के और निवेश प्रस्ताव मप्र सरकार को मिले हैं। उद्योग विभाग की चुनौती है कि सभी निवेशकों को बाबई-मोहासा में जगह दी जाए। इसके लिए 1000 एकड़ और जमीन की तलाश की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इन निवेशों को जल्द जमीन पर उतारा जाए। इससे बाबई-मोहासा में 50 हजार रोजगार के अवसर बनेंगे। यहां सोलर, विंड और पावर सेक्टर से जुड़ी मशीनरी, केबल, बैटरी समेत अन्य उत्पादों का बड़ा केंद्र बनेगा। वहीं, मंडीदीप के पास स्थित तामोट प्लास्टिक पार्क में भी कई इकाइयों ने रुचि दिखाई है। समिट के दौरान इसकी घोषणा हो सकती है। भोपाल के 13 में से सिर्फ 4 इंडस्ट्रियल पार्क में ही जमीन
• भोपाल के आसपास के 13 इंडस्ट्रियल पार्क में से सिर्फ 4 में ही जमीन बची है।
इनमें भोपाल के बड़ियाखेड़ी में 7 प्लॉट (56,012 वर्ग मी.), जांबर बागरी (विदिशा) में 5 प्लॉट (29,400 वर्ग मी.), पीलू खेड़ी (राजगढ़) में 1 प्लॉट (31,512 वर्ग मी.) और तामोट प्लास्टिक पार्क (रायसेन) में 125 प्लॉट (2.85 लाख वर्ग मी.) हैं। इंदौर रीजन के 36 पार्क में 11 में जमीन उपलब्ध है। ग्वालियर के 7 पार्क में 2 और उज्जैन के 12 पार्क में 5 में जमीन खाली है। ये बड़े सुझाव भी… भोपाल के आसपास नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, भोपाल, विदिशा जिलों में 20,000 एकड़ औद्योगिक भूमि बैंक विकसित करना। • भोपाल में अक्षय ऊर्जा उद्योग, कपड़ा उद्योग, फार्मा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को प्राथमिकता देना होगा। • भोपाल को उत्तर-दक्षिण, भोपाल-कानपुर, भोपाल-सिंगरौली औद्योगिक कॉरिडोर से जोड़ने भोपाल-सागर रोड को तुरंत फोरलेन बनाना। भोपाल की इंडस्ट्री का एक्सटेंशन इंदौर में क्यों?
भोपाल में ल्यूपिन फार्मा का एक्सटेंशन इंदौर में, एचईजी का देवास में और नाहर स्पिनिंग मिल्स पीएम मित्र पार्क धार में बड़ा निवेश कर रही है। उद्योगों से जुड़े लोगों के मुताबिक, जमीन की कमी से यह स्थिति बन रही है। भोपाल का मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरे शहर में शिफ्ट हो सकता है। अवाडा ग्रुप आगर में 50 हजार करोड़ का निवेश करेगा। जेके सीमेंट उज्जैन और पन्ना जा रहा है। अमेजान इंदौर में निवेश पर विचार कर रहा है।


