जीएनडीएच के मेडिसन वार्ड नंबर 2 में मंगलवार को मरीज अटेंडेंट और जूनियर डॉक्टर के बीच हाथापाई हो गई। कैनोला को ठीक करने को लेकर विवाद बढ़ गया था। मरीज मां को लेकर तीनों बेटियां अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गई। घटना की जानकारी मिलने पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. करमजीत सिंह ने तुरंत एक्शन लिया और डॉक्टरों की टीम को भेज महिला मरीज को फिर से वार्ड में दाखिल कराकर उनका उपचार शुरू कराया। मंगलवार शाम मरीज की बेटी शालू और बिंदू का वहां तैनात एक जूनियर डॉक्टर के साथ कैनोला को ठीक करने को लेकर विवाद हो गया। जब बिंदू ने उक्त विवाद की वीडियो बनानी चाही, तो जूनियर डॉक्टर ने फोन छीनने की कोशिश की। विवाद इतना बढ़ गया कि शालू और बिंदू अपनी बीमार मां को अस्पताल के बाहर चली गई और धरने पर बैठ गई। शालू के मुताबिक वह 3 बहनें हैं। वह संगरूर और उसकी एक बहन हिसार और एक अमृतसर में रहती है। कुछ दिनों से सभी बहनें और मां अमृतसर आई हुई थी, इस दौरान मां को हार्ट अटैक आ गया, जिस पर उन्हें गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा। उधर, इस घटना को लेकर एमएस डॉ. करमजीत सिंह ने कहा कि मरीजा को मेडिसन वार्ड में दाखिल कर उपचार शुरू कराया गया है। मरीज के अटेंडेंट और जूनियर डॉक्टरों में गलतफहमी हो गई थी। मामले में दोनों पक्षों को शांत कर मन मुटाव को खत्म कर दिया है।


