जीएनडीयू में राजनीतिक रैली का विरोध:सांसद औजला का सीएम मान को खत; कहा- एथलीटों के सपनों का मैदान, राजनीति का अखाड़ा न बनाएं

अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) के खेल मैदान में राजनीतिक रैली का कड़ा विरोध किया है। औजला ने इसे एथलीटों के सपनों और भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के खेल ढांचे को राजनीतिक गतिविधियों का मंच बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सांसद औजला ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार द्वारा ‘ड्रग्स रोको रैली’ के नाम पर यूनिवर्सिटी के एथलेटिक्स ट्रैक पर राजनीतिक मंच तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही ट्रैक है, जिसने यूनिवर्सिटी को 25 बार माका ट्रॉफी जिताई है। मौजूदा समय में छात्र इसी ट्रैक पर अपनी व्यावहारिक परीक्षाएं और अंतिम शैक्षणिक परीक्षण दे रहे हैं। औजला ने तीखे शब्दों में कहा, “एक तरफ मंच से नशे के खिलाफ नारे लगाए जाएंगे, और दूसरी तरफ छात्रों और खिलाड़ियों के सपनों को दिल्ली से लाए गए टेंट और साउंड सिस्टम के नीचे कुचला जाएगा।” सांसद औजला ने इस मुद्दे को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भी लिखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री छात्रों और एथलीटों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे और खेल मैदान को उसकी मूल पहचान बनाए रखने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करेंगे। विकल्प होते हुए भी खेल मैदान को चुना गया औजला ने सवाल उठाया कि अमृतसर में राजनीतिक सभाओं के लिए कई सार्वजनिक स्थल मौजूद हैं, फिर भी खेल मैदान को ही क्यों चुना गया। उन्होंने मांग की कि खेल ढांचे का राजनीतिक इस्तेमाल तत्काल रोका जाए और भविष्य में किसी भी शैक्षणिक परिसर में इस तरह के आयोजनों पर सख्त रोक लगाई जाए। सांसद ने बताया कि छात्रों और खेल प्रेमियों में इस फैसले को लेकर गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि, “यह ‘ड्रग्स मुक्ति रैली’ नहीं बल्कि ‘खेल मुक्ति रैली’ बन गई है, जिसे अविलंब बंद किया जाना चाहिए।” दिल्ली से रिजेक्ट लोग और पंजाब में टेंट: औजला का तंज औजला ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “हैरानी की बात है कि जो लोग दिल्ली से रिजेक्ट होकर पंजाब की सत्ता चला रहे हैं, वे टेंट और साउंड सिस्टम भी दिल्ली से ही ला रहे हैं, जबकि बात पंजाबियों को रोजगार देने की करते थे।”

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