भास्कर न्यूज | अमृतसर जीएसटी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन की सालाना जनरल बैठक स्थानीय आईएमए हाल में हुई। इस दौरान एसोसिएशन का चुनाव भी किया गया जिसमें एडवोकेट विकास खन्ना को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया। नवनियुक्त प्रधान विकास खन्ना ने कहा कि जीएसटी व वैट रिफंड संबंधी परेशानियों को दूर करवाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफंड 60 दिन में सरकारों को व्यापारियों को प्रदान करना होता है जो 90-90 दिन हासिल नहीं होता है। जीएसटी रिफंड व्यापारियों की वर्किंग केपिटल है इसे 60 की बजाय 30 दिन में रिफंड का प्रावधान कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मकसद वकीलों व व्यापारियों का सरकारों में सम्मान बहाल कराना है। वह कराधान विभाग, व्यापारियों व वकीलों के बीच कड़ी का काम करेंगे, जीएसटी प्रेक्टिशनर्स व सरकार के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाएंगे। एडवोकेट रजनीश खन्ना को जीएसटी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन का उपप्रधान, एडवोकेट सुनील अरोड़ा को महासचिव एवं सीए मनोज महाजन को दूसरी बार सर्वसम्मति से संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया। उनके अलावा एडवोकेट पुनीत अरोड़ा, एडवोकेट उदित अरोड़ा, एडवोकेट पंकज अरोड़ा, इन्कम टैक्स प्रैक्टिशनर अशोक ग्रोवर, सीए गौरव अरोड़ा, एडवोकेट ध्रुव सेखड़ी व एडवोकेट विशु ग्रोवर कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। बता दें कि एसोसिएशन में 130 से ज्यादा सदस्य हैं। चुनाव के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 मई थी, 13 को नामांकन पत्रों की जांच की गई। विकास खन्ना के अलावा प्रधानगी के लिए किसी ने नामांकन नहीं किया इसलिए वह निर्विरोध साल 2025-26 के लिए प्रधान चुने गए। अन्य पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य सर्वसम्मति से ही चुने गए हैं। प्रधान विकास खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार व संबंधित आबकारी व कराधान विभाग ज्यादा रेवेन्यू कलेक्शन भी व्यापारियों से करती है तथा सबसे ज्यादा तंग भी व्यापारियों को ही किया जाता है। रेवेन्यू कलेक्शन हासिल करने में तो सरकारें व्यापारियों को नाजायज तंग करने तक जाती हैं जबकि रिफंड न देना पड़े इसके लिए कराधान विभाग 100 तरह की नुक्ताचीनी कर आनाकानी करना शुरू कर देता हैं। सरकारों का एकमात्र मकसद ज्यादा से ज्यादा रेवेन्यू कलेक्शन तो है लेकिन व्यापारियों को सबसिडी व अन्य राहत देने की तरफ कोई ध्यान नहीं है।


