विकसित भारत जी-रामजी योजना को लेकर भाजपा ने गांव स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत प्रदेश से भाजपा के 11 सांसद गांवों में चौपाल लगाकर किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे। सांसद अपने क्षेत्र के 5 गांवों में खुद जाकर जी-रामजी योजना की खूबियों की जानकारी देंगे। ग्रामीणों की शंकाओं का ऑन द स्पॉट समाधान कर योजना से जुड़े फीडबैक लेंगे। फिर चौपाल से मिली प्रतिक्रियाओं, सुझावों और समस्याओं की पूरी रिपोर्ट संसद के बजट सत्र से पहले पार्टी मुख्यालय को भेजेंगे। फिलहाल चौपाल लगाने के लिए गांवों की सूची तैयार की जा रही है। दरअसल, विकसित भारत जी-रामजी योजना को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर बनी हुई है। विपक्ष इस योजना का अलग तरह से विश्लेषण कर रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति बनी गई है। भाजपा की इस पहल को विपक्ष पर जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। वैसे प्रदेश में 15 जनवरी से जिला सम्मेलन शुरू हो गए हैं। भिलाई, कांकेर और दंतेवाड़ा में सम्मेलन हो चुके हैं। बचे जिलों में इस माह के अंत तक सम्मेलन हो जाने हैं। इनमें पार्टी पदाधिकारी लोगों को जी-रामजी योजना के लाभ और प्रक्रियाओं की जानकारी दे रहे हैं। जीरामजी के प्रचार के लिए गांवों पर फोकस
भाजपा का फोकस जी-रामजी के प्रचार के लिए गांवों पर है। छत्तीसगढ़ के सांसद कुल 55 गांवों में पहुंचेंगे। इसके अलावा ओबीसी मोर्चा, किसान मोर्चा सहित अन्य मोर्चों के पदाधिकारी भी गांव-गांव जाकर योजना का प्रचार करेंगे। पार्टी की कोशिश है कि संसद सत्र से पहले प्रदेश के अधिक से अधिक गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया जाए। सीएम से लेकर राष्ट्रीय पदाधिकारी तक भी कर रहे जीरामजी का प्रचार छत्तीसगढ़ में विकसित भारत जी-रामजी योजना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता लोगों को पहले ही इस योजना की जानकारी साझा कर चुके हैं। इन नेताओं ने योजना की रूपरेखा, उद्देश्य और लाभ के बारे में बताया। पार्टी का कहना है कि संवाद का उद्देश्य जीरामजी पर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और जनता तक सभी तथ्य पहुंचाना है।


